मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार को डिप्टी सीएम अरुण साव दुर्ग जिले की जामुल नगर पालिका के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उससे पहले उन्होंने बालोद के राजाराव पठार मेले में हिस्सा लिया और फिर भिलाई के जामुल में कार्यक्रम के लिए रवाना हुए।
जल्दी पहुंचने की कोशिश में काफिले के पीछे चलाई कार
बालोद से भिलाई जाते वक्त डिप्टी सीएम का काफिला जैसे ही निकला, एक इनोवा कार (सीजी 07 सीजे 9968) नीली बत्ती के साथ उनके काफिले के पीछे आकर चलने लगी। जब पुलिस को इस संदिग्ध वाहन की जानकारी मिली, तो दुर्ग पुलिस सतर्क हो गई। ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात एएसआई राजकुमार दुबे ने इस कार को तुरंत रोककर चेकिंग की।
कार के चालक को गिरफ्तार कर वाहन सहित भिलाई नेहरू नगर स्थित ट्रैफिक टावर ले जाया गया। पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि वह राजाराव पठार मेले में बुकिंग पर गया था। उसने सोचा कि काफिले के पीछे चलते हुए वह जल्दी दुर्ग पहुंच जाएगा, इसलिए उसने अपनी गाड़ी काफिले में शामिल कर ली।
ड्राइवर पर कार्रवाई, चालान बनाकर छोड़ा जाएगा
भिलाई नगर के सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि ड्राइवर की यह गलती गंभीर है। उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी और उचित समझाइश देकर छोड़ा जाएगा।
नीली बत्ती का इस्तेमाल कर धौंस जमाने की कोशिश
गाड़ी के ड्राइवर दया राजपूत (28), जो रिसाली का निवासी है, ने खुलासा किया कि यह गाड़ी नेवई के रहने वाले चंपालाल टंडन की है। यह वाहन पहले पुलिस लाइन दुर्ग में इस्तेमाल की जाती थी और लगभग एक सप्ताह पहले ही इसे वहां से हटा लिया गया। इस कारण गाड़ी पर लगी नीली बत्ती को हटाना भूल गया था।
ड्राइवर ने यह भी बताया कि बुकिंग के दौरान बत्ती लगी गाड़ी चलाने से उसे रास्ता आसानी से मिल जाता था और लोगों पर धौंस भी बनती थी। 9 दिसंबर को थदूस तिर्की की बुकिंग पर जाते वक्त भी उसने ऐसा ही किया। तिर्की ने उसे बत्ती हटाने को कहा था, लेकिन ड्राइवर ने इसे नजरअंदाज कर दिया और बत्ती के साथ ही मेले में बुकिंग पर पहुंच गया।

