भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : 12 दिसंबर को राजनांदगांव के पास जनशताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर फेंकने की घटना ने सभी को चौंका दिया। गाड़ी संख्या 12070 जनशताब्दी एक्सप्रेस के सी/3 कोच की खिड़कियों पर पत्थर लगने से कांच चटक गया। इस घटना से न केवल यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हुई बल्कि रेलवे की संपत्ति को भी नुकसान हुआ।
घटना का पता कैसे चला?
समय 16:27 पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को अनुरक्षण दल और नागपुर सुरक्षा नियंत्रण कक्ष से सूचना मिली कि राजनांदगांव स्टेशन पार करते ही ट्रेन पर पत्थरबाजी हुई है। पत्थरबाजी से कोच नंबर सी/3 की खिड़कियों को नुकसान पहुंचा, और इस घटना ने सभी की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए।
तुरंत हरकत में आई RPF टीम
सूचना मिलते ही RPF राजनांदगांव की टीम, जिसमें निरीक्षक तरुणा साहू, प्र.आ. राजेन्द्र रायकवार, और आरक्षक प्रमोद यादव शामिल थे, घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने गौरीनगर फाटक के पास रेल लाइन के किनारे गहन जांच शुरू की। मौके पर दो किशोर मिले, जिन्हें रोककर पूछताछ की गई।
कैसे हुआ खुलासा?
प्रेमपूर्वक पूछताछ करने पर किशोरों ने बताया कि वे इमली के पेड़ से इमली तोड़ने गए थे। लौटते वक्त उन्होंने पत्थर फेंकने की प्रतियोगिता शुरू कर दी। उसी दौरान उन्होंने आती हुई ट्रेन को निशाना बनाया और पत्थर फेंक दिया। उन्हें अंदाजा नहीं था कि इससे ट्रेन का कांच टूट जाएगा या किसी को चोट लग सकती है।
परिवार को दी गई सूचना, हुई कानूनी कार्रवाई
किशोरों की गलती स्वीकार करने के बाद RPF ने उनके अभिभावकों को बुलाया। विधिवत प्रक्रिया पूरी कर दोनों पर रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया।
संदेश जो सबको समझना चाहिए
रेलवे संपत्ति पर हमला न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। किशोरों की इस शरारत ने उन्हें कानून के सामने खड़ा कर दिया। इस घटना से समाज के सभी लोगों, विशेषकर युवाओं, को यह संदेश लेना चाहिए कि किसी भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है।
रेलवे प्रशासन ने इस कार्रवाई से स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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