घटना 1: भिलाई में ट्रेन से धुआं उठने से मचा हड़कंप
विशाखापट्टनम से मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन जब भिलाई रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तो ट्रेन के पहिए के पास से धुआं निकलता देखा गया। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, और उन्होंने ट्रेन में आग लगने की आशंका जताई। रेलवे अधिकारियों ने दुर्ग स्टेशन पर ट्रेन को रोककर जांच की।
जांच में पता चला कि ट्रेन का एक पहिया जाम हो गया था, जिससे वह गर्म होकर धुआं छोड़ने लगा। अधिकारियों ने इसे सामान्य घटना करार दिया और ट्रेन को स्थिति सामान्य होने के बाद रवाना कर दिया। हालांकि, इस दौरान यात्रियों के बीच डर का माहौल बना रहा।
घटना 2: पेंड्रा रोड पर पटरी पर रखे गए बोल्डर
पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन के पास भनवारटंक-खोडरी के बीच देर रात 12:30 बजे एक बड़ी घटना टल गई। एक अज्ञात व्यक्ति ने रेलवे ट्रैक पर सीमेंट के स्लैब और बोल्डर रख दिए। ट्रेन नंबर 20807 हीराकुंड एक्सप्रेस इस ट्रैक पर आने वाली थी।
लोको पायलट की सतर्कता से ट्रेन को समय रहते रोक लिया गया। यदि ट्रेन को नहीं रोका जाता, तो यह डिरेल हो सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
आरपीएफ ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सक्रियता दिखाई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया व्यक्ति, पवन सिंह, पेंड्रा थाना क्षेत्र के कोलबिरा गांव का निवासी है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह भनवारटंक स्थित मंदिर दर्शन करने गया था। लौटते वक्त ट्रेन के बारे में जानकारी न होने पर उसने ट्रैक पर स्लैब रखकर ट्रेन को रोकने की कोशिश की, ताकि वह उसमें चढ़ सके।
हालांकि, उसके इस कदम से बड़ा हादसा हो सकता था। आरोपी के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 और 174(सी) के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
पहाड़ों और जंगल से घिरे इलाके में सुरक्षा पर सवाल
घटना स्थल पहाड़ों और घने जंगलों से घिरा है। इसके बावजूद, ट्रैक की सुरक्षा में चूक क्यों हुई, यह जांच का विषय है। रेलवे कर्मियों की नियमित निगरानी के बावजूद इस तरह की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
पिछली घटना: मालगाड़ी डिरेल होने का मामला
इससे पहले, एक महीने पहले, इसी क्षेत्र में मालगाड़ी डिरेल हो गई थी। भनवारटंक रेलवे स्टेशन के पास कोयला ले जा रही मालगाड़ी के 23 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इससे रेलवे ट्रैक को बड़ा नुकसान हुआ था।


