भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग , अब आने वाले समय में रायपुर से मुंबई की यात्रा सड़क मार्ग से भी ट्रेन से भी तेज हो सकती है। इसके लिए समृद्धि महामार्ग के विस्तार की योजना तैयार की गई है। फिलहाल मुंबई से नागपुर तक 701 किमी लंबा समृद्धि महामार्ग तैयार हो चुका है, जिसमें से 650 किमी पर ट्रैफिक शुरू हो चुका है। अब छत्तीसगढ़ सरकार ने इस महामार्ग को रायपुर तक विस्तारित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है।
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अगर केंद्र से मंजूरी मिलती है तो रायपुर से नागपुर तक लगभग 325 किमी का नया मार्ग तैयार किया जाएगा। इस विस्तार के बाद रायपुर से नागपुर की दूरी महज 3 घंटे में तय हो सकेगी, जो अभी 7 घंटे लगते हैं। इसी प्रकार, नागपुर से मुंबई का सफर पहले 16 घंटे का होता था, जो अब 8:30 घंटे में पूरा हो जाएगा। इस विस्तार के बाद रायपुर से मुंबई तक केवल 11:30 घंटे का समय लगेगा, जो वर्तमान में ट्रेन से करीब 20 घंटे में पूरा होता है।
समृद्धि महामार्ग की शुरुआत 2015 में की गई थी और पीएम नरेंद्र मोदी ने 2018 में इसका शिलान्यास किया था। रायपुर तक इसका विस्तार होने में करीब 5 साल का समय लगेगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के दुर्ग और राजनांदगांव जिले शामिल होंगे।
चुनौतियां और सर्वे की योजना
इस परियोजना के लिए सबसे बड़ी चुनौती वन विभाग की जमीन से संबंधित हो सकती है, क्योंकि रायपुर से नागपुर के बीच कई जंगल क्षेत्र आते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अगले साल सर्वे कार्य शुरू किया जाएगा, ताकि ऐसे रास्तों की पहचान की जा सके जहां जंगलों की समस्या कम हो और यात्रा का समय भी कम लगे।
वित्तीय दृष्टिकोण और मार्ग का फायदा
समृद्धि महामार्ग का नाम हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग रखा गया है। मुंबई से नागपुर तक इस मार्ग को बनाने में 55 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। रायपुर तक इसके विस्तार में लगभग 30 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस मार्ग के बनने से रायपुर-भिलाई क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा। फिलहाल, रायपुर से भिलाई तक का सफर 1 घंटे में पूरा होता है, लेकिन नए मार्ग से यह सिर्फ आधे घंटे में पूरा हो सकेगा।
टोल और शुल्क
समृद्धि महामार्ग में मुंबई से नागपुर तक 26 टोल प्लाजा हैं, जिनसे गुजरते हुए कार-जीप को करीब 1212 रुपए का टोल टैक्स चुकाना होता है। रायपुर तक इसके विस्तार में 5-6 नए टोल प्लाजा और जुड़ सकते हैं। इससे रायपुर से मुंबई तक जाने पर 30 से अधिक टोल प्लाजा से गुजरना होगा और एक यात्रा में करीब 1800 रुपए तक टोल शुल्क चुकाना पड़ सकता है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से इस प्रस्ताव को लेकर बातचीत चल रही है, और जैसे ही स्वीकृति मिलती है, सर्वे का काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के विकास को गति मिलेगी और व्यापार भी बढ़ेगा।
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