भिलाई की पत्रीका न्यूज़ : छग रायपुर , पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) को जीएसटी विभाग से एक बड़ा झटका लगा है। जीएसटी कार्यालय ने विश्वविद्यालय को संबद्धता शुल्क पर 1.65 करोड़ रुपए के जीएसटी भुगतान का नोटिस भेजा है। यह नोटिस जुलाई 2017 से मार्च 2024 तक के संबद्धता शुल्क पर लगाया गया है। नोटिस के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर संबद्ध महाविद्यालयों में चिंता की लहर दौड़ गई है।
जीएसटी नोटिस का कारण और स्थिति
राज्यकर विभाग के सहायक आयुक्त की ओर से भेजे गए इस नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि विश्वविद्यालय ने संबद्धता शुल्क पर जीएसटी का भुगतान नहीं किया। यह शुल्क संबद्ध महाविद्यालयों से वसूला गया था, जो जीएसटी के दायरे में आता है।
अब तक विश्वविद्यालय को 3.55 करोड़ रुपए का संबद्धता शुल्क प्राप्त हुआ है, जिस पर 1.65 करोड़ रुपए जीएसटी बकाया बताया गया है।
महाविद्यालयों की प्रतिक्रिया
2017 से जीएसटी लागू होने के बावजूद संबद्धता शुल्क पर जीएसटी वसूलने की जानकारी सामने आने से महाविद्यालय प्रबंधन असमंजस में है। मंगलवार को हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जिसमें बताया गया कि कॉलेज प्रबंधन जल्द ही इस मामले में अपना पक्ष रखेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष
रजिस्ट्रार शैलेंद्र पटेल ने कहा, हमें संबद्धता शुल्क पर जीएसटी लागू होने की जानकारी नहीं थी। अब नोटिस प्राप्त होने के बाद हमने जीएसटी कार्यालय से आग्रह किया है कि ब्याज की राशि पर छूट दी जाए। इसके साथ ही हमने विभागीय सचिव को इस मामले से अवगत करा दिया है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर जरूरत पड़ी तो कॉलेजों से बैक डेट में राशि वसूली जाएगी।
आगे की राह और चर्चाएं
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस मुद्दे को कार्यपरिषद की बैठक में रखने का निर्णय लिया है। वहीं, महाविद्यालयों के बीच भी विचार-विमर्श जारी है कि जीएसटी भुगतान की जिम्मेदारी कैसे निभाई जाएगी।
यह नोटिस विश्वविद्यालय और कॉलेजों के लिए एक बड़ा वित्तीय झटका साबित हो सकता है। जीएसटी और ब्याज की इतनी बड़ी राशि से न केवल विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ेगा, बल्कि महाविद्यालयों पर भी अतिरिक्त भार बढ़ सकता है।
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