भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : भिलाई , छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ने सोमवार को दुर्ग जिले के दौरे के दौरान IIT भिलाई में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने यहां सांस्कृतिक भाषा और परंपरा केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र विविध भाषाओं, प्राचीन कलाओं और परंपराओं पर अध्ययन और शोध का प्रमुख केंद्र बनेगा।
प्राचीन विरासत को संजोने की दिशा में कदम
राज्यपाल ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह केंद्र भारत की प्राचीन भाषाओं और परंपराओं को संरक्षित करने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में, तकनीकी विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों और प्राचीन ज्ञान को संरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है।
IIT भिलाई के डायरेक्टर ने साझा की योजना
कार्यक्रम में IIT भिलाई के डायरेक्टर राजीव प्रकाश ने इस केंद्र की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ की 25 से अधिक भाषाएं और यहां की प्राचीन विरासत का अध्ययन कर उसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा, "छत्तीसगढ़ विविधता और सांस्कृतिक धरोहर का गढ़ है। इसे संरक्षित करने के लिए गहन शोध की आवश्यकता है।
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से कनेक्शन
डायरेक्टर ने यह भी बताया कि इस पहल के माध्यम से स्थानीय लोगों को शामिल किया जाएगा, ताकि उनकी पारंपरिक जानकारी और अनुभव का लाभ उठाया जा सके। साथ ही, IIT के छात्र इन विषयों पर शोध करेंगे, जिससे छत्तीसगढ़ के प्रत्येक कोने तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
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