मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक सप्ताह पहले मोहन नगर पुलिस ने कर्नाटक बैंक की स्टेशन रोड दुर्ग शाखा में 111 खातों को संदिग्ध लेनदेन के कारण सीज कर दिया था। इन खातों में 86.33 लाख रुपये की संदिग्ध गतिविधियां दर्ज की गई थीं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के निर्देश पर की गई थी।
इस प्रकरण की जांच के लिए दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने क्राइम ब्रांच और मोहन नगर पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया। दुर्ग सीएसपी चिराग जैन के नेतृत्व में टीम ने जांच को आगे बढ़ाया। जांच में यह सामने आया कि यह मामला "महादेव" नामक ऑनलाइन सट्टा एप से जुड़ा है। इसके बाद शनिवार को 8 पुरुष और 4 महिलाओं सहित 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
हालांकि, एसपी, एएसपी, सीएसपी और टीआई ने इस मामले में अभी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 8 अन्य संदिग्धों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है। एएसपी सुखनंदन राठौर ने कहा कि दुर्ग एसपी इस प्रकरण का विस्तृत खुलासा जल्द करेंगे।
साइबर धोखाधड़ी की संभावना
मोहन नगर थाना प्रभारी पारस सिंह ठाकुर ने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह मामला दर्ज किया गया। कर्नाटक बैंक में संचालित इन 111 खातों में देश के अलग-अलग हिस्सों से कुल 83.33 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ है। इस वजह से पुलिस इस मामले को गहराई से जांच रही है।
आरोपियों का कराया गया मेडिकल परीक्षण
गिरफ्तार किए गए 12 व्यक्तियों में 4 महिलाएं भी शामिल हैं। शनिवार शाम को सभी को पुलिस वैन के जरिए जिला अस्पताल दुर्ग ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण हुआ। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया गया। फिलहाल सभी से पूछताछ जारी है, जबकि अन्य संदिग्धों को पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

