घटना और जांच की शुरुआत
10 फरवरी 2006 को संथम्मा ने अपनी बेटी रंजिनी और उसके नवजात बच्चों को खून से लथपथ पाया। जांच में पता चला कि रंजिनी का अफेयर सेना के जवान दिविल कुमार से था। गर्भवती होने पर दिविल ने उसे छोड़ दिया। उसी समय राजेश नामक एक अन्य जवान ने ‘अनिल कुमार’ बनकर रंजिनी से दोस्ती की। ये दोस्ती असल में एक खतरनाक साजिश थी।
साजिश और हत्या का खाका
राजेश और दिविल ने रंजिनी को समाज से अलग-थलग करने के लिए दूर एक किराए का घर दिलवाया। इसके बाद, उन्होंने बड़ी निर्ममता से रंजिनी और उसके बच्चों की हत्या कर दी। पुलिस ने जल्द ही इन दोनों को संदिग्ध पाया, पर वे सेना की नौकरी का लाभ उठाकर फरार हो गए।
AI कैसे बना गुनहगारों का पीछा करने वाला हथियार
2023 में AI तकनीक ने मामले को नया मोड़ दिया। केरल पुलिस की तकनीकी शाखा ने AI की मदद से आरोपियों की 19 साल बाद की संभावित तस्वीरें तैयार कीं। इन तस्वीरों का मिलान सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल स्रोतों से किया गया। फेसबुक पर राजेश की शादी की तस्वीर से 90% मेल मिलने के बाद, सीबीआई ने उसे पुडुचेरी से गिरफ्तार किया। वहां दोनों आरोपी नई पहचान और पेशे के साथ रह रहे थे।
आखिरकार, इंसाफ हुआ
लंबे इंतजार के बाद, आरोपियों दिविल कुमार और राजेश को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह केस सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास का प्रतीक भी बन गया है।

