भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को और समावेशी बनाने के लिए नए पात्रता मापदंड तय किए गए हैं। अब इस योजना के तहत अधिकतम आय सीमा को बढ़ाकर 15,000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। साथ ही, जिनके पास ढाई एकड़ सिंचित जमीन या पांच एकड़ असिंचित जमीन है, या घर में दोपहिया वाहन है, वे भी अब योजना का लाभ ले सकेंगे।
इसके अलावा, अब लाभार्थी खुद भी अपने घर के लिए आवेदन और सर्वेक्षण करा सकते हैं। इसके लिए सरकार एक मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रही है, जिससे सर्वेक्षण के दौरान किसी का नाम छूटने की संभावना नहीं रहेगी। बाद में अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा। मंत्री ने यह बातें जिले के ग्राम नगपुरा में आयोजित "मोर आवास मोर अधिकार" कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही।
मंत्री ने बताया कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीबों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मोदी ने गरीबों को पक्के घर देने का वादा किया था, जिसे अब जमीन पर उतारा जा रहा है। इस ऐतिहासिक योजना के तहत छत्तीसगढ़ में अब तक 8.47 लाख मकानों को मंजूरी दी जा चुकी है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने 3 लाख 3 हजार 384 नए घरों की स्वीकृति की घोषणा की। यह सुनिश्चित करने के लिए कि वंचित पात्र लाभार्थियों को भी योजना का लाभ मिले, 31 मार्च तक नया सर्वेक्षण कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में कहा कि पिछली सरकारों ने केंद्र की फ्लैगशिप योजनाओं को जनता तक पहुंचने नहीं दिया। लेकिन उनकी सरकार के आने के बाद, शपथ ग्रहण के अगले ही दिन 18 लाख मकानों की मंजूरी दी गई।
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से
जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे |
https://chat.whatsapp.com/DxkU0yCFLtG00Zc81OA1yV

