राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आगामी नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम के माध्यम से कराए जाएंगे। इस निर्णय पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कोर ग्रुप बैठक में सहमति बनी थी।
यहां यह उल्लेखनीय है कि 2019 में कांग्रेस सरकार ने नगरीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराए थे। लेकिन अब साय सरकार ने निर्णय लिया है कि चुनावी प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा।
अध्यादेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू
इस फैसले को अमल में लाने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। यह प्रस्ताव जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। आयोग द्वारा परीक्षण के बाद विधि विभाग की मंजूरी प्राप्त होते ही अध्यादेश जारी किया जाएगा।
ईवीएम से चुनाव कराने का मुख्य उद्देश्य चुनाव परिणामों को शीघ्रता से घोषित करना है। बैलेट पेपर से चुनाव के दौरान मतगणना में काफी समय लगता है। उदाहरण के तौर पर, 2010 में रायपुर महापौर चुनाव की मतगणना देर रात तक चली थी। ऐसे अनुभवों को देखते हुए ईवीएम का उपयोग जरूरी समझा गया है।
इसके अलावा, आगामी महापौर चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे, जहां भारी संख्या में मतदान की उम्मीद है। इस स्थिति में ईवीएम का उपयोग प्रक्रिया को सुगम और समयबद्ध बनाने में सहायक होगा।

