मुंबई पुलिस के सब-इंस्पेक्टर प्रदीप फुंदे ने कहा, हमने शुरुआत से ही कहा था कि वह सिर्फ एक संदिग्ध है। जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। पूछताछ के बाद हमें कोई ऐसा सबूत नहीं मिला जिससे उसे आरोपी ठहराया जा सके। इसलिए उसे छोड़ कर दिया गया।
संदिग्ध की पहचान और हिरासत की पूरी प्रक्रिया
मुंबई
पुलिस ने सैफ अली खान पर हुए हमले के संदिग्ध की फोटो दुर्ग रेलवे पुलिस (RPF) को भेजी थी। सूचना के अनुसार, आरोपी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस से भागने
की कोशिश कर रहा था। जैसे ही ट्रेन शनिवार दोपहर दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंची, RPF ने सभी डिब्बों की तलाशी ली और एक
व्यक्ति को संदिग्ध मानते हुए हिरासत में लिया।
यह व्यक्ति आकाश कैलाश कन्नौजिया था, जो कि वह मुंबई के कोलाबा का निवासी है और जांजगीर-चांपा में अपने रिश्तेदार से मिलने जा रहा था। RPF ने उसकी पहचान की पुष्टि के लिए संदिग्ध की फोटो मुंबई पुलिस को भेजी, जिसके बाद पुलिस टीम ने दुर्ग पहुंचकर उससे पूछताछ की।
रात करीब 8 बजे दुर्ग RPF पोस्ट पहुंचकर पुलिस अधिकारियों ने संदिग्ध से गहन पूछताछ की। पूछताछ का यह सिलसिला देर रात तक चला। हालांकि, जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि आकाश का इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
आरोपी नहीं, सिर्फ संयोग का शिकार
पूछताछ
के दौरान आकाश ने बताया कि वह किसी अपराध में शामिल नहीं है। वह सिर्फ अपने
रिश्तेदार से मिलने जा रहा था। मुंबई पुलिस ने भी पुष्टि की कि आकाश पर कोई आरोप
नहीं है और उसे मुंबई ले जाने की जरूरत नहीं है।
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