भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : भिलाई। कोसा नगर सुपेला में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मामूली विवाद के चलते दिव्यांग ई-रिक्शा चालक लाल दास चतुर्वेदी की हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी आयुष बागडे सहित तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी सुपेला क्षेत्र के रहने वाले हैं।
घटना का विवरण
कोसा नगर कुर्मी भवन के पीछे रहने वाले लाल दास चतुर्वेदी 16 जनवरी की शाम 6 बजे घर से निकले थे। हाल ही में उन्होंने किश्तों पर एक नई ई-रिक्शा खरीदी थी। जब देर रात तक लाल दास घर नहीं लौटे और उनका फोन स्विच ऑफ मिला, तो उनकी पत्नी ने 17 जनवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
18 जनवरी को जेवरा सिरसा क्षेत्र के तालाब के पास एक अज्ञात शव मिला। शव की पहचान लाल दास चतुर्वेदी के रूप में की गई। शव पर चोटों के निशान थे, और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी गला दबाने और छाती पर भारी वस्तु से वार करने की वजह से मौत की पुष्टि हुई।
हत्या का खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना वाली शाम कुछ लोगों को कुर्मी भवन के पास लाल दास से झगड़ा करते देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध आयुष बागडे को हिरासत में लिया। आयुष ने पूछताछ में बताया कि 16 जनवरी की शाम ई-रिक्शा में बैठे लाल दास ने उनसे गाली-गलौज की थी। इसी बात पर झगड़ा बढ़ा और आयुष ने अपने तीन नाबालिग साथियों के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
मुख्य आरोपी आयुष बागडे (25) कोसा नगर दीक्षित कॉलोनी का रहने वाला है। वह पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
इस मामले को सुलझाने में थाना प्रभारी सुपेला राजेश मिश्रा, उप-निरीक्षक दीपक सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक अमर सिंह, उपेन्द्र सिंह, और एसीसीयू टीम के अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
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