भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला अतिथि शिक्षिका साइबर ठगी का शिकार बन गई। ठगी से परेशान होकर महिला ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना ने समाज और प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है।
कैसे हुई साइबर ठगी?
मऊगंज की रहने वाली रेशमा पांडे, जो शासकीय हाई स्कूल पन्नी में अतिथि शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं, एक अनजान व्हाट्सएप कॉल के जाल में फंस गईं। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और रेशमा को डराया कि उनके खिलाफ एक गंभीर अपराध का केस दर्ज है।
- वीडियो कॉल के जरिए बढ़ाया दबाव : साइबर ठग ने वीडियो कॉल के जरिए रेशमा को दिखाया कि वह पुलिस की वर्दी में है। इसके साथ ही उसने कुछ वीडियो भेजे, जिनमें दिखाया गया कि पुलिस अधिकारी मीटिंग कर रहे हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
- झूठे आरोपों से ब्लैकमेलिंग: आरोपी ने यह भी धमकी दी कि अगर रेशमा फोन बंद करती हैं, तो भी वह गिरफ्तारी से बच नहीं पाएंगी।
22,000 रुपए देने के बावजूद नहीं मिला राहत
ठगी के जाल में फंसी रेशमा ने आरोपी को 22,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए, लेकिन ब्लैकमेलिंग यहीं खत्म नहीं हुई। ठग ने उनसे 50,000 रुपए और मांगे। रेशमा के पास इतनी रकम नहीं थी। लगातार धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने जहर खा लिया।
परिवार की स्थिति
रेशमा के पति, विनायक पांडे, एक सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए घर से बाहर थे। रेशमा घर पर अपने दो बच्चों के साथ अकेली थीं। साइबर ठगों की धमकियों ने उन्हें इतना तोड़ दिया कि उन्होंने किसी को कुछ बताए बिना यह कठोर कदम उठा लिया।
अस्पताल में हुई मौत
शनिवार रात रेशमा को गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। तमाम कोशिशों के बावजूद रविवार देर रात उनकी मौत हो गई।
पुलिस जांच में जुटी
रेशमा के देवर मनीष पांडे ने मामले का खुलासा किया और पुलिस को ठगों के भेजे गए वीडियो और अन्य सबूत उपलब्ध कराए।
- साइबर सेल की जांच शुरू: मऊगंज पुलिस अधीक्षक रसना ठाकुर ने बताया कि रेशमा ने इस मामले की शिकायत थाने में दर्ज नहीं कराई थी। अब साइबर सेल की मदद से मामले की गहन जांच की जा रही है।
यह घटना क्यों है चेतावनी?
यह घटना हमें जागरूक करती है कि साइबर ठगी कितनी घातक हो सकती है। डर और धमकी का यह खेल न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, बल्कि मानसिक शांति भी छीन लेता है।
कैसे बचें साइबर ठगी से?
1. अनजान कॉल्स को नजरअंदाज करें: किसी भी अनजान नंबर से आई कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें।
2. धमकी से न डरें: अगर कोई आपको डराने की कोशिश करता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
3. वित्तीय जानकारी साझा न करें : बैंक डिटेल्स, ओटीपी या अन्य व्यक्तिगत जानकारी कभी साझा न करें।
4. आधिकारिक पुष्टि करें: यदि कोई खुद को अधिकारी बताता है, तो उसकी पहचान सत्यापित करें।
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