कैसे हुआ बड़ा खुलासा?
22 जनवरी को बीजापुर जिले में बीडीएस (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड) की टीम, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के जवान मुतवेंडी से पीड़िया के मार्ग पर एरिया डोमिनेशन ऑपरेशन पर निकले थे। नक्सलियों ने इस मार्ग पर सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए बारूद बिछा रखा था। जवानों की सतर्कता से समय रहते 5-5 किलो की 8 आईईडी बरामद की गईं और मौके पर ही डिफ्यूज कर दी गईं।
50 किलो आईईडी ने चौंकाया
बीजापुर के बासागुड़ा और आवापल्ली सड़क पर पुल के नीचे छिपाई गई 50 किलो की कमांड आईईडी ने सुरक्षा बलों को और सतर्क कर दिया। इस आईईडी की ताकत इतनी ज्यादा थी कि एक बख्तरबंद वाहन भी इसके विस्फोट से चकनाचूर हो सकता था। जवानों ने इसे न केवल खोज निकाला, बल्कि मौके पर ही नष्ट कर दिया।
नक्सलियों के मंसूबे हुए ध्वस्त
नक्सली लगातार सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जवानों की मुस्तैदी और तकनीकी कौशल ने उनकी साजिशों को बार-बार नाकाम किया है। यह सफलता जवानों के अदम्य साहस और जिम्मेदारी का परिचय देती है।
बीजापुर की सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई
बीजापुर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार की बड़ी कार्रवाई न केवल नक्सलियों के मनोबल को कमजोर करती है, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी सुरक्षा का भरोसा दिलाती है। जवानों की यह सफलता सुरक्षा बलों की रणनीति और सतर्कता का प्रतीक है।
इस अभियान से स्पष्ट होता है कि नक्सलियों के खतरनाक मंसूबों के बावजूद सुरक्षा बलों का हौसला और काबिलियत किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।

