भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : (छग) अंबिकापुर : मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किए गए पोस्टमार्टम के दौरान एक महिला के पेट से 12 किलोग्राम वजनी ट्यूमर मिला, जो उसकी मृत्यु का कारण बना। गिरने के कारण ट्यूमर से फेफड़ा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे आंतरिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मृत्यु हो गई।
अकेले रहती थी महिला
शहर के चोपड़ापारा क्षेत्र में किराए के मकान में रहने वाली पखरसिया तिग्गा (50) अकेली रहती थी। उसके परिवार में कोई सदस्य नहीं था। 27 दिसंबर 2024 की सुबह, वह अपने घर के बाथरूम के पास गिरी हुई मिली। पड़ोसियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृत्यु का रहस्योद्घाटन
महिला की मृत्यु संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम किया गया। फोरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. संटू बाग ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षणों में मौत का कारण हृदयाघात प्रतीत हो रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम में हृदय पूरी तरह सुरक्षित पाया गया।
शरीर में छुपा था भारी ट्यूमर
फेफड़ों में रक्तस्राव का कारण जानने के लिए जब पेट की जांच की गई, तो वहां से लगभग 11.8 किलोग्राम वजनी ट्यूमर निकला। संभावना जताई गई कि महिला का पैर फिसलने से वह मुंह के बल गिर गई होगी, जिससे भारी ट्यूमर के दबाव में उसका फेफड़ा फट गया और उसकी मौत हो गई।
समय रहते इलाज संभव था
अगर महिला समय पर चिकित्सा परामर्श लेकर ट्यूमर का ऑपरेशन करा लेती, तो उसकी जान बच सकती थी। पोस्टमार्टम में इतनी अधिक वजनी फाइब्रॉयड ट्यूमर मिलने का मामला दुर्लभ है। हालांकि, जीवित मरीजों के पेट से इससे भी बड़े ट्यूमर ऑपरेशन के दौरान निकाले जा चुके हैं।
डॉ. संटू बाग ने बताया कि महिला के पेट का आकार बड़ा दिख रहा था, जिससे शुरुआत में गर्भावस्था की आशंका हुई। लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वह बच्चेदानी में विकसित होने वाला फाइब्रॉयड ट्यूमर था, जिसकी पुष्टि हिस्टोपैथोलॉजी विभाग में ऊतक परीक्षण के बाद हुई।
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से
जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे |
https://chat.whatsapp.com/DxkU0yCFLtG00Zc81OA1yV

