जानकारी के अनुसार, आरोपी अनिल सिंह यादव (19) और मृतका अनिला सिंह (22) पिछले एक वर्ष से प्रेम संबंध में थे। हालांकि, अनिल शादी के लिए कानूनी रूप से बालिग नहीं था, फिर भी दोनों ने डेढ़ महीने पहले मंदिर में शादी कर ली थी। इसके लिए उन्होंने स्टांप पेपर पर शपथ पत्र बनवाया था।
हत्या की पूरी घटना इस प्रकार है-
मंगलवार, 28 जनवरी की शाम लगभग 8 बजे अनिला को किसी का फोन आया, जिसके बाद वह घर से गांव जाने की बात कहकर निकली। जब रात 10 बजे तक वह वापस नहीं आई, तो परिवार ने उसे फोन किया। फोन पर अनिला ने कहा कि वह कुछ ही देर में लौटेगी, लेकिन वह घर नहीं लौटी।
रातभर परिजन उसे ढूंढते रहे, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन उसका शव घर से लगभग 500 मीटर दूर खेत में पड़ा मिला। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
इससे पहले भी अनिला और अनिल के बीच कई बार विवाद हो चुका था। अनिल को संदेह था कि अनिला का किसी अन्य युवक से संबंध है, और जब वह गर्भवती हुई तो अनिल ने उसके बच्चे को अपना मानने से इनकार कर दिया। इस विवाद के चलते अनिला ने पहले दरिमा थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। तब पुलिस ने दोनों के बीच समझौता करवा दिया था।
समझौते के बाद अनिल अपने गांव सूरजपुर जिले के सेमरिया चला गया था। घटना के दिन वह दोबारा जयपुर पहुंचा और उसने अनिला को फोन कर गांव के बाहर खेत में बुलाया। दोनों ने वहां बैठकर बातचीत की, जिसके दौरान अनिला ने अनिल से अपने साथ गांव चलने की जिद की। इस पर अनिल ने फिर से उस पर अवैध संबंधों का आरोप लगाया और गुस्से में आकर उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद वह मौके से फरार हो गया।
गौर करने वाली बात यह है कि अनिल की उम्र शादी की कानूनी उम्र से कम थी, फिर भी वकील ने 10 रुपये के स्टांप पेपर पर हलफनामा तैयार किया और इसे नोटरी से प्रमाणित करवाया। इस प्रक्रिया को कराने वाले नोटरी दिनेश प्रसाद सोनी के खिलाफ भी पुलिस के पास सबूत मौजूद हैं।
सरगुजा एएसपी अमोलक सिंह के अनुसार, 15 दिसंबर 2024 को अनिल और अनिला ने सकलपुर के शिव मंदिर में विवाह किया था और 19 दिसंबर 2024 को स्टांप पेपर पर शपथ पत्र बनवाया था। दोनों जयपुर में अनिला के घर में साथ रह रहे थे।
पुलिस ने कॉल डिटेल की गहन जांच की और संदिग्धों से पूछताछ की। इस दौरान जब अनिल से सख्ती से सवाल किए गए, तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

