गाइडलाइन का विवरण:
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय ने इस गाइडलाइन को राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज, अस्पताल अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और जिला अस्पतालों के सिविल सर्जनों को भेजा है।
केंद्र सरकार के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि HMPV एक सांस से जुड़ा वायरस है, जो संक्रमण फैलाता है। इसके लक्षण सामान्य सर्दी या फ्लू की तरह होते हैं। देश में कर्नाटक (2), गुजरात (1), तमिलनाडु (2) और महाराष्ट्र (3) में कुल 8 मरीज सामने आए हैं। संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए जांच और इलाज से जुड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
बचाव के उपाय:
- हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं।
- भीड़भाड़ वाली जगहों और अस्पतालों में मास्क पहनें।
- बिना धोए हाथों से आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
- बीमार व्यक्तियों के पास जाने से परहेज करें।
- खांसते या छींकते समय मुंह को रुमाल या टिश्यू से ढकें।
- सांस की किसी भी समस्या होने पर घर पर ही रहें।
रायपुर एम्स में जांच की सुविधा:
HMPV वायरस की जांच के लिए रायपुर एम्स में RT-PCR, एंटीजन और सेरोलॉजी टेस्ट उपलब्ध हैं। इलाज के दिशा-निर्देशों में मरीज को हाइड्रेटेड रखना, आराम करने की सलाह देना, आवश्यक दवाएं देना और जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन सपोर्ट मुहैया कराना शामिल है।
अस्पतालों को निर्देश:
अस्पतालों को ओपीडी में आने वाले मरीजों और पहले से भर्ती मरीजों के इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों का रिकॉर्ड रखने और उनकी जांच अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान:
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा कि अभी राज्य में HMPV वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, कोरोना के समय की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए ICU बेड, वेंटिलेटर और अलग वार्ड को चिह्नित कर तैयार रखा गया है। साथ ही, ऑक्सीजन सिलेंडर और प्लांटों की स्थिति में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने जनता से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है।
विशेषज्ञ टीम का गठन:
केंद्र से मिले निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने एक तकनीकी समिति बनाई है। इस समिति की अध्यक्षता महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. एस.के. पामभोई कर रहे हैं। उपसंचालक डॉ. खेमराज सोनवानी, डॉ. धर्मेंद्र गहवई, राज्य सलाहकार आकांक्षा राणा और चयनिका नाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह टीम राज्य में HMPV वायरस की स्थिति पर नजर रखेगी और स्वास्थ्य विभाग को समय-समय पर अपनी रिपोर्ट और सुझाव देगी।

