शादी के 15 दिन बाद ससुर की मौत , ससुराल वाले लड़की को बताने लगे अपशगुनी , करोड़ रुपये की एलिमनी की मांग नहीं मानने पर साले ने करवाई जीजा की हत्या....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक बैंक के डेटा मैनेजर मनजीत मिश्रा की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। यह मामला कर्नाटक में एआई इंजीनियर अतुल की आत्महत्या से मिलता-जुलता नजर आ रहा है, क्योंकि इसमें भी ससुराल पक्ष की संलिप्तता उजागर हुई है। पुलिस ने इस घटना में मनजीत मिश्रा के साले सचिन और उसकी दुकान में कार्यरत प्रवीण को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि इन दोनों ने हत्यारों को 15 लाख रुपये की सुपारी दी थी, जिसमें से पांच लाख रुपये एडवांस में दिए गए थे, जबकि शेष दस लाख रुपये हत्या के बाद देने की योजना थी।

गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र के निवासी मनजीत मिश्रा ग्रेटर नोएडा स्थित एक बैंक में डेटा मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। 21 फरवरी को ऑफिस के बाहर ही बाइक पर सवार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी थी। पुलिस की पूछताछ में सचिन ने खुलासा किया कि उसकी बहन मेघा ने प्रेम विवाह करके मनजीत मिश्रा से शादी की थी। प्रारंभ में सब कुछ सामान्य था, लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद मनजीत के पिता की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इसके बाद मनजीत के परिवार ने मेघा को दुर्भाग्य का कारण अपशगुनी मानते हुए उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया, जिससे परेशान होकर मेघा ने अदालत में तलाक की याचिका दायर कर दी।

कोर्ट की मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान, सचिन के प्रभाव में आकर मेघा ने एक करोड़ रुपये की एलिमनी की मांग रखी। चूंकि मनजीत ने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार कर दिया, इसलिए समझौता नहीं हो सका। इसके बाद सचिन ने मनजीत की हत्या की योजना बनाई। उसने इस योजना को अपने कर्मचारी प्रवीण के साथ साझा किया और फिर प्रवीण के माध्यम से दिसंबर 2024 में 15 लाख रुपये में हत्यारों की सुपारी दी।

पुलिस की पूछताछ में सचिन ने बताया कि वह खुद दो शादियां कर चुका था और इसी कारण उसे काफी विवादों का सामना करना पड़ा था। वह नहीं चाहता था कि उसकी बहन को भी ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़े। इसी वजह से उसने पहले कोशिश की कि मेघा को एक करोड़ रुपये की एलिमनी मिल जाए, लेकिन जब यह संभव नहीं हुआ तो उसने मनजीत को रास्ते से हटाने का फैसला किया और उसकी हत्या करवा दी।

गौतमबुद्ध नगर के डीसीपी सेंट्रल शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर्स की पहचान कर ली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है, जिनकी सहायता के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस टीम को भी लगाया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों शूटर्स को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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