बजट 2025 : मिडिल क्लास को बड़ी रहत , 12 लाख रुपये तक आय पर टैक्स मुक्त, किसानों और एमएसएमई के लिए बड़ी घोषणाएं

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : मोदी सरकार ने बजट 2025 में मध्यवर्ग को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर टैक्स नहीं लगाने का प्रस्ताव किया। इसके अनुसार, नौकरीपेशा सैलरीड टैक्सपेयर को स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं देना होगा। इसके साथ ही, 16 लाख से 20 लाख रुपये तक की आय पर 20% टैक्स, 20 लाख से 24 लाख रुपये तक की आय पर 25% और 24 लाख रुपये से ज्यादा आय पर 30% टैक्स लगेगा। इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर "NO INCOME TAX" हैशटैग ट्रेंड करने लगा।



एक यूजर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया कि नई व्यवस्था के अनुसार 12 लाख रुपये तक की आय पर अब कोई आयकर नहीं होगा, जिससे मध्यवर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा, "बड़ी घोषणा, अब 12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है।" बहुत से लोगों ने मोदी सरकार का धन्यवाद किया और इसे मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी राहत बताया।

12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स मुक्त करने के कारण अब 80,000 रुपये की बचत होगी, जबकि 18 लाख रुपये की आय पर 70,000 रुपये की बचत होगी। 

इसके अलावा, बजट में कृषि क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। वित्त मंत्री ने ‘प्रधानमंत्री धन ध्यान कृषि योजना’ की शुरुआत की घोषणा की, जिसके तहत 100 जिलों में कम उत्पादन, आधुनिक फसल तकनीकों और कम ऋण मानकों वाले क्षेत्रों को समर्थन मिलेगा। इस योजना से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ होगा।

इसके अतिरिक्त, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए छह साल का एक कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसमें तुअर (अरहर), उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सब्जियों और फलों का उत्पादन बढ़ाने और उन्हें लाभकारी मूल्य देने के लिए एक व्यापक योजना शुरू की जाएगी। साथ ही, उच्च उत्पादक बीजों के लिए राष्ट्रीय मिशन की शुरुआत की जाएगी।

किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋण की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (MSMEs) के लिए ऋण गारंटी कवर बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया गया है। सरकार ने सूक्ष्म उद्यमों के लिए पांच लाख रुपये तक का 'कस्टमाइज्ड' क्रेडिट कार्ड पेश करने की योजना बनाई है। इसके तहत निर्यातोन्मुख एमएसएमई को 20 करोड़ रुपये तक का सावधि ऋण मिलेगा।