छावनी सीएसपी हरीश पाटिल के अनुसार, 23 जुलाई 2016 को एक पीड़िता की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि कैलाश नगर जामुल निवासी बीरसा लोहार (30 वर्ष) उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की और 2018 में पीड़िता को खोज निकाला।
ओडिशा ले जाकर किया था अनाचार
पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे ओडिशा ले गया, जहां उसने कई बार दुष्कर्म किया। नाबालिग के गर्भवती होने के बाद प्रसव हुआ, लेकिन आरोपी उसे रायगढ़ में अकेला छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश में रायगढ़, ओडिशा, झारखंड सहित कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन वह हर बार बच निकलता।
शासकीय अस्पताल में ऐसे हुआ गिरफ्तार
कई वर्षों की तलाश के बाद पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी अपने मामा से मिलने शासकीय अस्पताल, दुर्ग आने वाला है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।

