मिशन क्लीन सिटी: स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के लिए नई सुविधाएँ , आठ घंटे कार्यावधि सहित सप्ताहिक अवकाश नए निर्देश जारी...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मिशन क्लीन सिटी के तहत कार्यरत स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के लिए कई नई सुविधाओं की घोषणा की है। सरकार ने उनकी कार्यावधि को आठ घंटे तक सीमित करते हुए, साप्ताहिक अवकाश और महीने में एक दिन का सवैतनिक आकस्मिक अवकाश देने के नए निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही, सभी नगरीय निकायों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि इन सफाई कर्मियों का श्रम विभाग में पंजीकरण कराया जाए, जिससे वे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।

नगरीय प्रशासन विभाग ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत "मिशन क्लीन सिटी" के तहत स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित अधोसंरचना के प्रबंधन और रखरखाव के लिए 2016 में लागू किए गए दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। नए दिशा-निर्देश रायपुर, भिलाई और रिसाली को छोड़कर अन्य सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में लागू होंगे। 

स्वसहायता समूहों की मांगों पर विचार करते हुए, उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद यह परिपत्र जारी किया गया है, जिसमें नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सख्ती से इन निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है। सभी क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को समय-समय पर निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

परिपत्र के अनुसार, सफाई कर्मियों की कार्यावधि आठ घंटे तय की गई है। नगरीय निकाय अपनी सुविधा के अनुसार सुबह छह बजे से दोपहर तीन बजे तक (एक घंटे के भोजन अवकाश सहित) या सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक की समय-सीमा तय कर सकते हैं। निर्धारित समय से अधिक कार्य करवाने की मनाही होगी। कार्य रोस्टर इस तरह से तैयार किया जाएगा कि सभी कर्मियों को बारी-बारी से एक साप्ताहिक अवकाश मिल सके। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी का अवकाश एक ही दिन न हो, जिससे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और निपटान बाधित न हो।

राज्य सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि मिशन क्लीन सिटी के तहत कार्यरत सभी कर्मियों का श्रम विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराया जाए। इससे वे जीवन बीमा, मेडिकल क्लेम जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि सफाई कर्मियों का मुख्य कार्य डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और निपटान ही रहेगा। किसी भी अन्य प्रकार के कार्य, जैसे कि सड़क सफाई या नाली सफाई, करवाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई निकाय इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी कर्मियों का मासिक स्वास्थ्य परीक्षण मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट में कराया जाए। प्रत्येक तीन माह में रक्त परीक्षण, थायरॉइड, बीपी, शुगर, यूरीन टेस्ट, कोलेस्ट्रॉल टेस्ट, एलडीएच टेस्ट, टीएचएस टेस्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराए जाएंगे। जिला मुख्यालयों को अन्य निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, सफाई कर्मियों को महीने में एक दिन का सवैतनिक आकस्मिक अवकाश मिलेगा। प्रत्येक स्वच्छता केंद्र पर अवकाश का रिकॉर्ड रखा जाएगा और वर्ष में एक बार बोनस राशि प्रदान की जाएगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को विशेष पुरस्कार भी दिया जाएगा।

मिशन क्लीन सिटी के तहत स्वच्छता केंद्रों की मरम्मत और रखरखाव के लिए निकाय को नियमित बजट से राशि प्रदान की जाएगी। किसी विशेष स्थिति में, विस्तृत मरम्मत कार्य की आवश्यकता होने पर, सुडा (SUDA) द्वारा परियोजना के गुण-दोष का परीक्षण कर अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी। 

सफाई केंद्रों के सुपरवाइजर केवल निकाय के नियमित कर्मचारी या स्वसहायता समूह के सदस्य होंगे, जबकि प्लेसमेंट कर्मचारी और स्वच्छता कमांडो को यह पद नहीं दिया जाएगा। ट्राइसाइकिल रिक्शा, मिनी टिप्पर जैसी सफाई गाड़ियों की मरम्मत का कार्य सुपरवाइजर द्वारा कराया जाएगा, और निकाय द्वारा उन्हें मरम्मत राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। इस कार्य के लिए अधिकतम एक लाख रुपए तक की राशि यूजर चार्ज के रूप में उपयोग की जा सकेगी।

सरकार ने सफाई कर्मियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें आवश्यक सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। प्रत्येक वर्ष कर्मियों को पहचान पत्र, पुरुष कर्मियों के लिए हरे रंग की दो टी-शर्ट, महिला कर्मियों के लिए दो साड़ियां, दो एप्रन और एक रेनकोट दिया जाएगा। प्रत्येक तीन माह में चार जोड़ी रबर के दस्ताने और कपड़े के दस्ताने, प्रत्येक दो माह में छह जोड़ी मोजे और मास्क, हर छह माह में दो जोड़ी जूते और दो टोपियां प्रदान की जाएंगी। कंपोस्ट शेड में कार्यरत कर्मियों को प्रति वर्ष एक जोड़ी गमबूट भी दिए जाएंगे।

नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य सफाई कर्मियों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक कार्य वातावरण प्रदान करना है। सरकार की इस पहल से सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों की कार्यशैली में सुधार आएगा और उन्हें बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।

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