भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : झांसी: जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक सोलर पावर प्लांट में कार्यरत कर्मचारी के दोनों हाथ कटवा दिए गए। यह अमानवीय कदम सिर्फ इसलिए उठाया गया क्योंकि उसके इलाज पर एक लाख रुपये से अधिक का खर्च आ सकता था। अब पीड़ित का परिवार न्याय के लिए भटकने को मजबूर है।
मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के निवासी कालीचरण, रामराज सोलर पावर प्लांट में कार्यरत थे। प्रतापगढ़ जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र में प्लांट लगाने का ठेका मिला था। काम के दौरान, वह मकान की छत पर मौजूद थे, तभी 11,000 वोल्ट की बिजली लाइन के संपर्क में आ गए, जिससे उनके दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए। प्राथमिक इलाज के लिए उन्हें इलाहाबाद के कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उपचार लंबा चलेगा और खर्च एक लाख रुपये से अधिक आएगा।
मालिक ने खर्च से बचने के लिए कालीचरण को झांसी लाया और वहां उसके दोनों हाथ कटवा दिए। इस घटना के बाद जब पीड़ित और उसके परिवार ने मालिक से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। अब पीड़ित और उसके परिजन न्याय के लिए पुलिस से गुहार लगा रहे हैं। कालीचरण का आरोप है कि कंपनी मालिक ने उनके साथ धोखा किया और उनका सही तरीके से इलाज नहीं कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पीड़ित को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर एक मालिक की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए? क्या वह अपने कर्मचारियों का ख्याल रखने के बजाय केवल पैसे बचाने की सोच सकता है? आर्थिक सहयोग देना तो दूर, उसने अपने कर्मचारी के दोनों हाथ ही कटवा दिए। आखिर इतनी बचत कर भी ली तो उसका क्या फायदा? और इस तरह पैसे बचाकर आखिर कब तक बचा रहेगा?
पीड़ित और उसके परिजन न्याय के लिए पुलिस से गुहार लगा रहे हैं। कालीचरण का आरोप है कि कंपनी मालिक ने उनके साथ धोखा किया और उनका सही तरीके से इलाज नहीं कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पीड़ित को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
अब कालीचरण के लिए आगे का जीवन बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाला है। दोनों हाथ गंवाने के बाद वह अपने रोज़मर्रा के कामों में पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर हो गया है। उसके परिवार के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो गई है क्योंकि वह ही परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था।

