भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के दुर्ग संभाग के बालोद जिले में एक विधवा महिला ने खुदकुशी कर ली। ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार सुबह 38 वर्षीय सोहद्रा बाई साहू ने अपनी तीनों बेटियों को स्कूल भेजने के बाद, जब घर में कोई नहीं था, तो रसोई में फांसी लगाकर जान दे दी।
यह घटना ग्राम अरौद की है। दोपहर में जब उनकी बेटियां दोपहर का भोजन करने घर आईं, तो उन्होंने अपनी मां को फंदे से झूलता पाया। यह देख वे घबरा गईं और गांव वालों को इसकी जानकारी दी। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जांच और पंचनामा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद, पुलिस ने शव को फंदे से उतारा।
बालोद थाना प्रभारी रविशंकर पांडेय ने बताया कि मृतका ने घर के रसोईघर में नायलॉन की रस्सी से फांसी लगाई थी। परिजनों ने बताया कि कुछ समय से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सोहद्रा बाई काफी समय से गले और कंधे के तेज दर्द से परेशान थीं। इलाज जारी था, लेकिन कोई राहत नहीं मिल रही थी। गुरुवार को उन्होंने अपनी तीनों बेटियों को स्कूल भेजा और जब घर पूरी तरह खाली हो गया, तो उन्होंने अपनी जान ले ली।
ग्रामीणों ने बताया कि तीन साल पहले सोहद्रा के पति किशोरी राम साहू की मृत्यु ईंट भट्टे में काम करने के दौरान दिल का दौरा पड़ने से हो गई थी। इसके बाद से ही वह अपनी बेटियों के भविष्य को लेकर संघर्ष कर रही थीं, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण वह अधिक समय तक यह लड़ाई नहीं लड़ सकीं।
उनकी तीन बेटियां क्रमशः 7वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ती हैं। परिवार में उनकी सास और ससुर भी हैं, जो खेती और मजदूरी कर गुजर-बसर कर रहे हैं। अब सोहद्रा के चले जाने के बाद, इन बच्चियों का सहारा भी छिन गया है।
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