CG : ठेकेदार के अत्याचार से मजदूरों की हालत दयनीय, रायगढ़ के 150 लोग तेलंगाना में फंसे , डर से एक मजदूर की मौत...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छग (रायगढ़ ) - तेलंगाना के गरुड़-पेठ गांव स्थित एक ईंट-भट्ठे में काम करने वाले मजदूरों को जबरन काम कराया जा रहा है। वहां काम करने वाले रायगढ़ जिले के एकताल गांव के नवीन झारा की पत्नी सुभाषिनी के अनुसार, उनके पति पर लगातार अत्यधिक दबाव डालकर काम कराया गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। मजदूरों को धमकाया जाता है कि अगर उन्होंने काम करने से मना किया, तो जेसीबी से कुचलकर जमीन में दफना दिया जाएगा। नवीन की मृत्यु के बाद तीन दिनों तक उनका शव वहीं पड़ा रहा।

मजबूरी में पलायन, अब गुलामी जैसी स्थिति

रायगढ़ जिले के एकताल गांव के लगभग 150 लोग ढोकरा शिल्प से जुड़े हुए थे, लेकिन जब उन्हें वहां काम नहीं मिला, तो तीन महीने पहले रोजी-रोटी की तलाश में तेलंगाना चले गए। इन मजदूरों में नवीन झारा, उनकी पत्नी सुभाषिनी, बेटा आदित्य और बेटी अंकिता भी शामिल थे। वहां पहुंचने के बाद ठेकेदार के आदमी मजदूरों को डरा-धमकाकर काम करवाने लगे। यदि कोई विरोध करता, तो उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी। इसी दबाव के कारण नवीन की मृत्यु हो गई।

पति की मौत के बाद पत्नी की गुहार

नवीन की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी सुभाषिनी ने शव को घर ले जाने के लिए ठेकेदार से मदद मांगी, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने एकताल गांव के सरपंच को सूचना दी और रायगढ़ में शव लाने की अपील की। सरपंच हिमांशु चौहान गांव वालों के साथ वित्त मंत्री ओपी चौधरी के कार्यालय पहुंचे और प्रशासन से मदद की मांग की। अधिकारियों की पहल के बाद गुरुवार को नवीन का शव रायगढ़ लाया गया और परिवार ने उसका अंतिम संस्कार किया।

मृतक का भाई अभी भी बंधक

झारा परिवार के मुखिया धनीराम झारा ने बताया कि नवीन का बड़ा भाई जुजेष्टी झारा अभी भी वहां फंसा हुआ है। ठेकेदार उसे छोड़ने को तैयार नहीं है और मजदूरों के साथ मारपीट कर रहा है। सत्य कुमार झारा ने बताया कि उनका भाई नारायण झारा, बेटा गिरधारी, कन्हैया, बहू पूजा, कुमकुम और दो नाती दिवाली के समय वहां काम करने गए थे, लेकिन ठेकेदार ने उनके मोबाइल छीन लिए, जिससे वे किसी से संपर्क नहीं कर पा रहे थे।

सरपंच की प्रशासन से गुहार

सरपंच हिमांशु चौहान ने प्रशासन से मामले की शिकायत की और वहां फंसे मजदूरों को बचाने के लिए कदम उठाने की अपील की। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि झारा परिवार को मनरेगा और अन्य योजनाओं के तहत रोजगार दिया जाए, ताकि उन्हें दोबारा पलायन के लिए मजबूर न होना पड़े।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने बताया कि मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है और लेबर डिपार्टमेंट इस पर उचित कार्रवाई करेगा। उन्होंने मजदूरों से अपील की कि यदि कोई ठेकेदार उन्हें जबरन काम करने के लिए मजबूर करे, तो तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दें।

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