CG : बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे के बीच रायगढ़ के 8 होटलों पर कार्रवाई, 65 हजार रुपये का लगाया जुर्माना , प्रशासन अलर्ट मोड में....

 भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : बिलासपुर। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क स्थिति में है। प्रशासन के निर्देशानुसार, पोल्ट्री फार्मों से मुर्गियों और बतखों के सैंपल लिए जाएंगे और जांच के लिए भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यदि मृत पक्षी दिखते हैं, तो तुरंत इसकी सूचना देने का अनुरोध किया गया है।

इधर, रायगढ़ में बर्ड फ्लू नियंत्रण के तहत लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन हो रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए, पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री और उपयोग को लेकर नगर निगम क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया गया।

संयुक्त टीम ने विभिन्न होटलों की अचानक जांच की, जिसमें आमंत्रण होटल, जानकी होटल और पंजाब होटल सहित आठ होटल चिकन पकाते पाए गए। इस पर प्रशासन ने कुल 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और सभी होटल संचालकों को कड़ी चेतावनी दी गई। साथ ही, उन्हें चिकन पकाने पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।

ज्ञात हो कि चक्रधर नगर स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी, जिसकी जांच मध्यप्रदेश स्थित लैब में की गई थी। इसके बाद पोल्ट्री फार्म की सभी मुर्गियों और अंडों को नष्ट कर दिया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, कलेक्टर ने भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, 10 किलोमीटर के दायरे में पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि, इसके बावजूद कुछ लोग चोरी-छिपे मुर्गों की बिक्री कर रहे थे।

बिलासपुर जिला प्रशासन भी सतर्क

बिलासपुर जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि वर्तमान में जिला बर्ड फ्लू से मुक्त है। हालांकि, अन्य स्थानों पर मामलों के बढ़ने के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। कुक्कुट पालन केंद्र के अनुसार, हर माह मुर्गियों के सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजे जाते हैं, ताकि किसी भी संभावित बीमारी की पहचान हो सके। अब तक प्राप्त सभी रिपोर्ट नकारात्मक आई हैं, और पिछले एक महीने में किसी भी मुर्गी या बतख की अप्राकृतिक मृत्यु नहीं हुई है। इस वजह से जिले में बर्ड फ्लू के फैलने की आशंका फिलहाल नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

विभाग पूरी तरह से अलर्ट पर

कुक्कुट पालन केंद्र के प्रभारी डॉ. आर.के. गुप्ता के अनुसार, सरकार के निर्देशानुसार जल्द ही नए सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। सभी पक्षियों की कड़ी निगरानी की जा रही है और अब तक बर्ड फ्लू के कोई भी लक्षण नहीं मिले हैं। इसके बावजूद, विभाग पूरी तरह से सतर्क है और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है।

वर्तमान स्थिति को देखते हुए, रोजाना कुक्कुट पालन केंद्र में दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। हालांकि, वहां कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता नहीं है। पालन केंद्र प्रबंधन ने शासन से पीपीई किट, सैनिटाइजर, दस्ताने और मास्क की मांग की थी, जो अब तक नहीं मिल सके हैं।

संसाधनों की कमी से जूझ रहा कुक्कुट पालन केंद्र

बीते कुछ दिनों में चिकन बाजार में भारी गिरावट देखी गई है। यदि जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो इसका असर व्यापार पर और अधिक पड़ सकता है। हालांकि, यदि जिले में बर्ड फ्लू के न पाए जाने की पुष्टि होती है, तो बाजार की स्थिति फिर से सामान्य हो सकती है। अंडा बाजार पर भी इसका प्रभाव पड़ा है, जिससे बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है।

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