रायपुर में हर दिन 30 करोड़ का हवाला कारोबार: कैसे चलता है यह गुप्त नेटवर्क और क्यों बढ़ रही है इसकी पकड़?

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : (छग)रायपुर , 12 मार्च को रायपुर के आमानाका क्षेत्र में पुलिस को एक कार से 4.52 करोड़ रुपए बरामद हुए। हालांकि, इस रकम के असली मालिक का खुलासा अब तक नहीं हुआ है। पुलिस इसे हवाला कारोबार से जोड़कर मामले की जांच कर रही है। 

मिडिया रिपोर्ट के अनुसार, रायपुर में प्रतिदिन करीब 30 करोड़ रुपए का हवाला लेनदेन होता है। इसमें मुंबई और झारखंड में पैसे भेजने की मांग सबसे अधिक होती है। प्रति लाख रुपए के लेनदेन पर 800 से 1500 रुपए तक की कमीशन वसूली जाती है। हवाला नेटवर्क के जरिए दुबई, श्रीलंका और नेपाल तक पैसा भेजे जाने की बात भी सामने आई है। 

हवाला के 3 प्रमुख मामले  

केस 1: 68.44 लाख रुपए के साथ तीन गिरफ्तार  

3 सितंबर 2023 को गंज क्षेत्र के तेलघानी नाका में पुलिस ने एक कार में सवार तीन युवकों—अनुप, मनोज और रितेश—को रोका। तलाशी लेने पर उनके पास से 68 लाख 44 हजार रुपए मिले। पुलिस ने उन्हें आयकर विभाग को सौंप दिया।  

केस 2: स्कूटी की डिग्गी में 11.59 लाख रुपए बरामद  

मौदहापारा थाना क्षेत्र में एमजी रोड पर पुलिस ने एक दोपहिया वाहन को रोका। जांच के दौरान 11 लाख 59 हजार 850 रुपए मिले। वाहन चालक नरेश कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद पुलिस ने रकम जब्त कर आयकर अधिकारियों को सौंप दी।  

केस 3: शंकर नगर में हवाला कार्यालय पर छापा  

जून 2024 में दुर्ग पुलिस ने रुआबांधा, भिलाई निवासी विनय कुमार यादव को गिरफ्तार किया। उसके बयान के आधार पर रायपुर के शंकर नगर स्थित एक कार्यालय पर छापा मारा गया। यहां से हवाला कारोबारी नीरू भाई सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 80 लाख रुपए नकद, नोट गिनने की तीन मशीनें और कई दस्तावेज बरामद हुए। इन दस्तावेजों में गुजराती भाषा में लेनदेन का हिसाब-किताब दर्ज था।  

हवाला कारोबार का गढ़: रायपुर से दिल्ली, मुंबई और झारखंड में पैसा भेजा जा रहा  

रायपुर से सबसे अधिक हवाला लेनदेन मुंबई, दिल्ली और झारखंड के लिए किया जाता है। झारखंड में एक लाख रुपए ट्रांसफर करने पर 300 से 700 रुपए तक शुल्क लिया जाता है, जबकि मुंबई और दिल्ली के लिए यह शुल्क 800 से 1500 रुपए तक होता है। हवाला कारोबारी सिंडिकेट बनाकर काम कर रहे हैं और सबसे ज्यादा सक्रियता एमजी रोड क्षेत्र में देखी गई है।  

4.52 करोड़ रुपए जब्त करने की कहानी  

आमानाका क्षेत्र में बरामद नकदी से भरी कार में सवार दो व्यक्तियों—मथुरा निवासी श्रीकांत सिंह और आगरा निवासी विनोद कुशवाहा—को हिरासत में लिया गया। दोनों ने खुद को ड्राइवर बताया और कार को नागपुर ले जाने की बात स्वीकार की। 

शुरुआती पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे पहले भी 4-5 बार रायपुर से रकम लेकर जा चुके हैं। आमतौर पर ये रकम नागपुर, हैदराबाद और बेंगलुरु भेजी जाती थी। वहां गाड़ी निर्धारित स्थान पर छोड़कर वे अपना भुगतान लेकर लौट जाते थे।  

जब्त कार दिल्ली के प्रेम सिंह के नाम पर पंजीकृत  

बरामद की गई इनोवा कार (23 BH 8886J) की जांच में पता चला कि यह दिल्ली निवासी प्रेम सिंह के नाम पर पंजीकृत है। जानकारी के अनुसार, यह गाड़ी किराए पर दी गई थी। कार की बनावट ऐसी थी कि इसमें आसानी से नकदी छिपाई जा सकती थी। 

हवाला कैसे काम करता है?  

हवाला कारोबारी छोटे नोटों—1 से 20 रुपए तक—के सीरियल नंबर के आधार पर लेनदेन करते हैं। लेनदेन की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होती है:  

1. पैसा भेजने वाला व्यापारी जिसे राशि भेजनी होती है, वह 10 रुपए के नोट का नंबर प्राप्तकर्ता को बताता है।  

2. प्राप्तकर्ता जब इस नोट का नंबर बताता है, तो उसे हवाला की रकम सौंप दी जाती है।  

3. इस प्रक्रिया में कोई डिजिटल रिकॉर्ड नहीं बनता, जिससे टैक्स चोरी करना आसान हो जाता है। 

हवाला क्यों किया जाता है?  

- टैक्स से बचाव: वैधानिक रूप से किए गए बड़े लेनदेन पर भारी टैक्स भरना पड़ता है, जिसे हवाला के जरिए बचाया जाता है।  

- लेनदेन का स्रोत छिपाना: कानूनी रूप से पैसा ट्रांसफर करने पर सोर्स और डिटेल बतानी पड़ती है, जबकि हवाला में यह आवश्यक नहीं होता।  

- जल्दी और गुप्त ट्रांसफर: पारंपरिक बैंकिंग प्रक्रिया की तुलना में हवाला के जरिए बड़ी रकम तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के स्थानांतरित की जा सकती है।  

हवाला कारोबार की बढ़ती सक्रियता ने प्रशासन और जांच एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। रायपुर में लगातार छापेमारी और जांच अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे हवाला कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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