महिला ने आरोप लगाया कि जिस इलाके में वह रहती है, वहां तीन व्यक्तियों ने मिलकर उसके साथ गैंगरेप किया। इस गंभीर आरोप के बाद जामुल पुलिस हरकत में आ गई। थाना प्रभारी कपिलदेव पांडेय ने तत्काल इस मामले की सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी और महिला के निवास स्थान के आसपास रहने वाले सभी लोगों के बयान दर्ज किए।
स्थानीय निवासियों ने अपने बयान में सामूहिक दुष्कर्म की घटना को पूरी तरह से झूठा बताया। उन्होंने कहा कि यदि महिला के साथ सच में दुष्कर्म हुआ होता, तो वह सबसे पहले इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराती, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। मोहल्ले के लोगों का मानना है कि महिला ने दूसरे पक्ष को फंसाने के लिए झूठे आरोप लगाए हैं।
कैसे शुरू हुआ मामला?
थाना प्रभारी कपिल देव पांडेय के अनुसार, यह घटना 27 फरवरी 2025 की दोपहर की है। जामुल में आम्रपाली अपार्टमेंट के पीछे स्थित बांबे आवास में रहने वाली चंपा विश्वकर्मा, पिंकी, रजनी और रवि विश्वकर्मा के बीच एक महिला और उसके बेटे से झगड़ा हुआ। इस झगड़े के बाद दोनों पक्ष जामुल थाने पहुंचे और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने सभी का मेडिकल परीक्षण करवाया और दोनों पक्षों के खिलाफ काउंटर केस दर्ज कर लिया। शिकायत दर्ज कराने के दौरान दोनों पक्षों ने केवल मारपीट की बात कही, और पुलिस ने उसी आधार पर मामला दर्ज किया। हालांकि, इसके कुछ समय बाद महिला ने अस्पताल में भर्ती होते ही यह आरोप लगाया कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है। जब पुलिस को इस बारे में जानकारी मिली, तो वे चौंक गए।
महिला पहले से धमकी दे रही थी?
थाना प्रभारी के अनुसार, जब मोहल्ले के निवासियों के बयान लिए गए, तो उन्होंने बताया कि झगड़े के दौरान महिला बार-बार यह धमकी दे रही थी कि वह सभी को रेप केस में फंसा देगी। थाना में शिकायत दर्ज कराते समय महिला ने इस बारे में कोई जिक्र नहीं किया, लेकिन बाद में उसने दूसरे पक्ष को फंसाने के लिए झूठा आरोप लगा दिया।

