भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ विधानसभा में भूपेश बघेल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा के खिलाफ नारे लगाते हुए जब वे गर्भगृह तक पहुंचे, तो उन्हें निलंबित कर दिया गया। इसके बाद, कांग्रेस विधायकों ने सदन से बाहर जाकर गांधी प्रतिमा के पास धरना दिया, जिससे विधानसभा की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।
कांग्रेस विधायकों के इस विरोध पर अजय चंद्राकर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब इसी मामले में कवासी के खिलाफ कदम उठाया गया था, तब कांग्रेस ने लखमा का समर्थन नहीं किया था। उन्होंने कांग्रेस विधायकों पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप लगाया। वहीं, धरने से लौटे कांग्रेस विधायकों के साथ चरण दास महंत ने बैठक की। इस बीच, डिप्टी सीएम अरुण साव नेता प्रतिपक्ष महंत के कक्ष में पहुंचे और विधायकों के निलंबन समाप्त होने की जानकारी दी।
रायपुर मास्टर प्लान पर चर्चा
इससे पहले, रायपुर के विधायक राजेश मूणत ने विधानसभा में रायपुर शहर के मास्टर प्लान को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पर विभागीय मंत्री ओपी चौधरी ने लिखित जवाब दिए।
मूणत का सवाल और मंत्री का जवाब
राजेश मूणत ने सवाल किया कि वर्तमान मास्टर प्लान को लेकर कई गंभीर शिकायतें मिली हैं। इसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है? इसके जवाब में ओपी चौधरी ने स्वीकार किया कि रायपुर के मास्टर प्लान से संबंधित शिकायतें आई हैं और इनकी जांच के लिए एक समिति गठित की गई है।
आवासीय क्षेत्रों का व्यवसायिक उपयोग:
मूणत ने कहा कि रायपुर के आवासीय इलाकों को बिना किसी मानक प्रक्रिया के व्यावसायिक, शैक्षणिक और अन्य श्रेणियों में बदला गया है। इस पर मंत्री चौधरी ने जवाब दिया कि इन्हीं शिकायतों की जांच जारी है।
मास्टर प्लान तैयार करने वाले अधिकारी:
राजेश मूणत ने यह भी पूछा कि मास्टर प्लान तैयार करने के लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार थे। इस पर मंत्री चौधरी ने जानकारी दी कि IAS जयप्रकाश मौर्य, संदीप बागड़े, भानु प्रताप सिंह पटेल, कमल सिंह, रोजी सिन्हा और मेघा चवढ़ा सहित कुल 15 अधिकारियों ने मास्टर प्लान तैयार किया था।
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से
जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे |
https://chat.whatsapp.com/IOVoH6eNnBa5TB0nClVjXi

