भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : देहरादून के पीठावाला, चंद्रबनी इलाके में एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया, जिसमें पुलिस ने आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया है। सात फरवरी को निधि राठौर ने अपने पिता श्यामलाल गुरुजी (80 ) की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि वे किसी कार्य से मोटरसाइकिल पर निकले थे और लौटकर नहीं आए।
श्यामलाल गुरुजी की पत्नी की मृत्यु के बाद वे अपनी दो बेटियों के साथ रह रहे थे। गीता के साथ उसके 12 साल से अवैध संबंध थे| उनके मन में यह चिंता थी कि उनके बाद उनका वंश आगे नहीं बढ़ पाएगा। इसी कारण वे गीता से संबंध बनाकर एक बेटा पैदा करना चाहते थे। पुलिस के अनुसार, इस मकसद के लिए उन्होंने गीता को 20 लाख रुपये तक देने की पेशकश की थी। इस प्रस्ताव ने गीता और हिमांशु को यह विश्वास दिलाया कि श्यामलाल के पास बड़ी धनराशि है। गीता भी एक बार में मोटी रकम लेकर श्यामलाल से दूर होना चाहती थी।
इस लालच में गीता और हिमांशु ने मिलकर श्यामलाल को ब्लैकमेल करने और उनसे पैसे ऐंठने की साजिश रची। गीता ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि पिछले 12 वर्षों से उसके और श्यामलाल के बीच अवैध संबंध थे।
हर महीने आर्थिक मदद करते थे श्यामलाल
श्यामलाल हर महीने गीता को 50 हजार से एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देते थे। वे एक संस्था का संचालन करते थे, जहां गीता से उनकी मुलाकात हुई थी। गीता ने बताया कि श्यामलाल की पत्नी का लगभग 20 साल पहले निधन हो गया था। उनकी दो बेटियों में से एक का विवाह हो चुका था, जबकि दूसरी अविवाहित थी। इस कारण वे अपने वंश को आगे बढ़ाने को लेकर चिंतित थे।
इसी दौरान गीता की मुलाकात सात महीने पहले हिमांशु चौधरी से हुई, जो एमबीबीएस कर रहा था। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने विवाह कर लिया। शादी के बाद गीता ने श्यामलाल से दूरी बना ली, जिससे वे परेशान रहने लगे। उन्होंने गीता से मिलने का दबाव डाला और 20 लाख रुपये देने की पेशकश भी की। इसी धनराशि की लालच ने इस हत्याकांड को जन्म दिया।
गीता और हिमांशु को लगा कि श्यामलाल के पास काफी संपत्ति है, जिससे वे लाभ उठा सकते हैं। लेकिन हत्या के बाद जब उन्होंने उनके बैंक खाते की जानकारी निकाली, तो खाते में कोई बड़ी रकम नहीं मिली।
साजिश और हत्या के पीछे लालच
पुलिस जांच में पता चला कि जरूरतें पूरी करने की चाहत ने ही इन तीनों को एक-दूसरे के करीब लाया। श्यामलाल अपने वंश को आगे बढ़ाने के लिए संतान चाहते थे, जबकि गीता उनसे धन प्राप्त करना चाहती थी। वहीं, हिमांशु भी गीता के माध्यम से अपनी MBBS की पढाई पूरी कर आर्थिक संकट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था।
ब्यूटी पार्लर चलाती थी गीता
गीता पहले ब्यूटी पार्लर का संचालन करती थी, लेकिन बेटी के जन्म के बाद उसने यह काम छोड़ दिया। धन की जरूरत होने पर वह श्यामलाल से पैसे लेती रही, लेकिन हिमांशु से विवाह के बाद उसने उनसे दूरी बना ली। हालांकि, पैसों की आवश्यकता अभी भी बनी रही, और इसी के चलते उसने यह अपराध कर डाला। अब गीता और हिमांशु सलाखों के पीछे हैं।
गर्भवती गीता की जांच
गीता वर्तमान में लगभग पांच माह की गर्भवती है। पुलिस अब यह जांच करने की तैयारी कर रही है कि गर्भ में पल रहा बच्चा हिमांशु का है या श्यामलाल का। जांच में यह भी सामने आया कि गीता अब तक श्यामलाल से 10 लाख रुपये से अधिक राशि प्राप्त कर चुकी थी। इसके अलावा, मृतक के नाम पर देहरादून में करोड़ों की संपत्ति भी है।
हत्या के बाद पछतावा
श्यामलाल की हत्या के बाद जब आरोपियों को धन नहीं मिला, तो उन्हें अपने किए पर पछतावा होने लगा। गीता ने बताया कि अपराधबोध के कारण वे प्रयागराज गए और महाकुंभ में संगम में स्नान किया। वहां एक रात रुकने के बाद वे दिल्ली पहुंचे और फिर कुरुक्षेत्र होते हुए अमृतसर चले गए। आर्थिक तंगी के कारण वे 200 रुपये में किराए का एक कमरा लेकर रहने लगे।
इस हत्याकांड ने लालच और विश्वासघात की एक भयावह तस्वीर पेश की, जिसमें अपराध की योजना बनाने वाले अब कानून के शिकंजे में आ चुके हैं।
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