भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : (छग) बलरामपुर जिले के चाकी गांव में एक जंगली हाथी ने एक साइकिल सवार ग्रामीण पर जानलेवा हमला कर दिया। हाथी ने उसे दौड़ाया, सूंड से उठाकर करीब 20 फीट दूर फेंक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने शव को ले जाने से रोकते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
झारखंड से छत्तीसगढ़ सीमा में घुसा हाथी बना खतरा
बताया जा रहा है कि यह हाथी झारखंड से छत्तीसगढ़ की सीमा में दाखिल हुआ है और बीते 10 दिनों में चार लोगों की जान ले चुका है। इसके अलावा एक अन्य हाथी ने दो और लोगों को मार डाला है। यानी कुल मिलाकर 10 दिन में बलरामपुर जिले में छह मौतें हाथियों के हमले की वजह से हो चुकी हैं।
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ग्रामीण को सूंड से उठाकर पटका, मौके पर ही मौत
मंगलवार को चाकी गांव निवासी देवनारायण सिंह खैरवार (उम्र 42) सुबह करीब 8 बजे जंगल के रास्ते से बसकटियापारा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक जंगली हाथी ने उन्हें दौड़ाया और सूंड से पकड़कर जोर से फेंक दिया। देवनारायण दूर जाकर गिरे और घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। पास में महुआ बीन रहे अन्य ग्रामीणों ने डर के कारण भागकर बाकी लोगों को सूचना दी।
लगातार हमलों से नाराज ग्रामीणों का प्रदर्शन
घटना की खबर मिलते ही जिला पंचायत सदस्य संतोष यादव और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आए दिन हाथी के हमलों से गुस्साए लोगों ने वन विभाग को शव उठाने से रोक दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर SDO फॉरेस्ट अनिल कुमार पैकरा और रेंजर संतोष पांडेय भी घटनास्थल पहुंचे।
मां पहले ही चल बसी, अब पिता की मौत से बेसहारा हुए दो बच्चे
देवनारायण की पत्नी की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। उनके दो बच्चे हैं—बेटी ममता खैरवार, जो कॉलेज तक पढ़ चुकी है, और बेटा जो अभी नाबालिग है। जिला पंचायत सदस्य संतोष यादव ने ममता को चौकीदार पद पर संविदा नियुक्ति देने की मांग की, जिसे अधिकारियों ने मंजूरी दे दी।
ग्रामीणों ने रखीं सुरक्षा से जुड़ी कई मांगें
ग्रामीणों ने हाथी की निगरानी के लिए ट्रैकिंग डिवाइस लगाने और गांव के आसपास सोलर फेंसिंग की व्यवस्था करने की मांग उठाई। SDO ने इन मांगों पर भी सहमति जताई। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
बलरामपुर में हाथियों का कहर: पिछले 10 दिनों की घटनाएं
जंगली हाथियों का आतंक बलरामपुर जिले में लगातार बना हुआ है। फिलहाल चाकी गांव के जंगल में झारखंड से आया एक दंतैल हाथी मौजूद है। इन हाथियों ने हाल ही में निम्नलिखित हमलों को अंजाम दिया है:
1. 31 मार्च - रामानुजगंज क्षेत्र के फुलवार गांव में एक हाथी ने उस्मान अंसारी (50) और उनकी पत्नी अस्मीना अंसारी (45) पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दंपत्ति को अंबिकापुर के मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
2. 1 अप्रैल - रामपुर में महुआ बीनने गए दुर्गा प्रसाद (48), जो अंबिकापुर कमिश्नर ऑफिस में चपरासी थे, को हाथी ने कुचल दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
3. 2 अप्रैल - शंकरगढ़ क्षेत्र में महुआ बीनने गई गिद्दी कोरवा (50) पर जशपुर से बलरामपुर में घुसे एक अन्य हाथी ने हमला किया और उनकी जान ले ली।
4. 3 अप्रैल - बलरामपुर के घाघरा गांव में खेत में पानी देने गए एक युवक को हाथी ने कुचलकर मार डाला।
5. 8 अप्रैल - आज की घटना में देवनारायण सिंह खैरवार को चाकी गांव में झारखंड से आए हाथी ने दौड़ाकर सूंड से उठाकर फेंक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इन घटनाओं ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और जंगली हाथियों को लेकर प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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