भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : (छग) रायपुर , रविवार को मनाई जा रही रामनवमी के अवसर पर रायपुर में मांसाहारी उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शहर की सभी मीट दुकानों को बंद रखना अनिवार्य होगा। यदि कोई दुकान खुली पाई गई, तो उसे सील कर दिया जाएगा।
रामनवमी को लेकर शहर के प्रमुख मंदिरों में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। भगवान राम के जन्म के उपलक्ष्य में दूधाधारी मठ और जैतूसाव मठ में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। दूधाधारी मठ में 440 किलो और जैतूसाव मठ में 1100 किलो मालपुआ का भोग तैयार किया जा रहा है।
दूधाधारी मठ के राजेश्री महंत के अनुसार, बालाजी स्वामी और राघवेंद्र सरकार को मालपुआ विशेष रूप से प्रिय है। यही कारण है कि उन्हें मालपुआ का भोग अर्पित किया जाएगा और अगले दिन प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। इसके साथ ही, दोनों ही मठों में भगवान का स्वर्णाभूषण से श्रृंगार किया जाएगा।
मालपुआ बनाने की परंपरा वर्षों पुरानी
जैतूसाव मठ, जो कि पुरानी बस्ती क्षेत्र में स्थित है और लगभग 200 वर्ष पुराना है, वहां अंग्रेजी शासनकाल से ही मालपुआ बनाया जा रहा है। इस बार भी परंपरा को निभाते हुए 1100 किलो मालपुआ तैयार किया जा रहा है। इसे लकड़ी के चूल्हे पर धीमी आंच में पकाया जाता है। गेहूं के आटे में काली मिर्च, सौंफ, शक्कर सहित कई सामग्रियों को मिलाकर घोल तैयार किया जाता है और फिर उसे घी में तला जाता है।
तलने के बाद मालपुओं को एक बड़े कमरे में धान के पुआल पर सुखाया जाता है, जिससे अतिरिक्त घी निकल जाए। बाद में इन्हें 'सीता रसोई' नामक सुरक्षित रसोईघर में रखा जाता है।
राम मंदिर में विशेष आयोजन और आतिशबाजी
वीआईपी रोड पर स्थित श्रीराम मंदिर में दोपहर 12 बजे भगवान राम के जन्म की खुशी में समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद रुद्राभिषेक होगा और सवा मन का भोग चढ़ाया जाएगा। दोपहर 1 बजे भंडारे का आयोजन होगा, वहीं शाम 7 बजे महाआरती के बाद 7:30 बजे भव्य आतिशबाजी की जाएगी।
शहर भर में निकलेगी शोभायात्रा
रामनवमी के अवसर पर न केवल वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर में, बल्कि शहर के कई अन्य इलाकों से भी भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। राम मंदिरों के साथ-साथ कई हनुमान मंदिरों में भी भंडारे रखे गए हैं।
रामनवमी पर आठ शुभ योगों का संयोग
ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार, भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को दोपहर में हुआ था। इसलिए राम जन्मोत्सव का आयोजन दोपहर के समय किया जाएगा। इस बार रामनवमी को रवि पुष्य योग, रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, मालवी योग, सुलक्ष्मी योग, बुधादित्य योग, सुकर्मा योग और श्रीवत्स योग जैसे आठ महत्वपूर्ण योगों का अद्भुत संयोग बन रहा है।
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