भिलाई की छात्रा ने की आत्महत्या: फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स ने बढ़ाया तनाव; पहले 12वीं में फेल हुई, इस बार भी एग्जाम खराब गए, घर पर फांसी लगाकर दी जान

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में 12वीं की एक छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। मृतका के पिता आनंद कराब नेहरू नगर स्थित CSEB में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। परिजनों के अनुसार, उनकी बेटी एरिना पहले भी 12वीं की परीक्षा में असफल हो चुकी थी और इस बार के पेपर भी उसके अनुसार अच्छे नहीं हुए थे, जिससे वह मानसिक रूप से बहुत परेशान थी।

10वीं में अच्छा प्रदर्शन, लेकिन 11वीं में आने लगे मुश्किलें

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आनंद कराब ने बताया कि उनकी बेटी एरिना पढ़ाई में शुरू से ही अच्छी रही है। वह पहले हिंदी मीडियम से पढ़ती थी, लेकिन 10वीं में उसे इंग्लिश मीडियम स्कूल में दाखिला दिलाया गया। उसने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 89 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रथम श्रेणी में सफलता पाई। हालांकि, 11वीं में जैसे ही उसने फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषय चुने, उसके अंक गिरने लगे और वह पढ़ाई में पिछड़ने लगी।

11वीं में तीन बार सप्लीमेंट्री देकर पास हुई थी

एरिना ने 11वीं की पढ़ाई में कड़ी मेहनत की, लेकिन कठिन विषयों के चलते उसे समझने में दिक्कतें होती थीं। इस वजह से उसे 11वीं में तीन बार सप्लीमेंट्री परीक्षाएं देनी पड़ीं, तब जाकर वह पास हो सकी। इसके बाद 12वीं में भी वह असफल हो गई। उसके पिता ने कई बार समझाने की कोशिश की कि अगर विषय समझ में नहीं आ रहे हैं, तो विषय बदल लो या जितना समझ में आए उतना पढ़ो, लेकिन वह अपने कम नंबरों को लेकर लगातार तनाव में रहने लगी।

घर में अकेली थी, केबल वायर से लगाई फांसी

4 अप्रैल की दोपहर को आनंद कराब अपनी रोज की ड्यूटी पर नेहरू नगर ऑफिस चले गए। उसी दौरान उनकी पत्नी बड़े बेटे रितेश को लेकर छोटी बेटी हिमांशी का मेडिकल चेकअप करवाने अस्पताल गई थीं। वे लोग दोपहर 12 बजे घर से निकले और करीब 1:15 बजे लौटे, तो देखा घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद था।

पीछे के रास्ते से किचन का दरवाजा खोला गया, जो खुल गया। अंदर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि एरिना कमरे में केबल के तार का सहारा लेकर फांसी के फंदे पर झूल रही थी। तुरंत उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। उसे सुपेला स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 5 अप्रैल को पोस्टमॉर्टम के बाद उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया।

सहपाठियों से कम अंक मिलने पर थी निराश

पिता के अनुसार, एरिना शिवा पब्लिक स्कूल, मैत्री विहार में पढ़ती थी। उसके कई साथी अच्छे अंकों के साथ पास हो रहे थे, जबकि वह पिछड़ रही थी। इस बार भी उसके पेपर सही नहीं हुए थे, जिससे वह बहुत अधिक तनाव में आ गई थी। यही वजह रही कि उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

घटना की सूचना मिलने पर सुपेला पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, आत्महत्या के कारणों को स्पष्ट करने के लिए परिजनों से पूछताछ की जा रही है। छात्रा के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे कारणों की पुष्टि हो सके।


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