भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में मंगलवार को एक भयावह घटना में रायपुर के स्टील व्यापारी दिनेश मिरानिया की आतंकियों द्वारा हत्या कर दी गई। हमला उस समय हुआ जब वे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ थे। आतंकियों ने उनकी आंखों के सामने उन्हें गोली मारी। मृतक का पार्थिव शरीर दिल्ली से रायपुर फ्लाइट से लाया जाएगा, जो रात 8 बजे पहुंचने की संभावना है।
मिली जानकारी के अनुसार, दिनेश मिरानिया (45) की उसी दिन शादी की सालगिरह थी। वे अपने परिवार – पत्नी नेहा, बेटे शौर्य और बेटी लक्षिता के साथ बैसरन घाटी में छुट्टियां मना रहे थे। इसी दौरान आतंकियों ने अचानक गोलियां चला दीं और उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
विज्ञापन
अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे
इस घटना के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पीड़ित परिवार से मिले और शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बेकसूर लोगों पर हमले का दर्द पूरे देश ने महसूस किया है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पहलगाम में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार रामअवतार तिवारी, जो उस समय कश्मीर में थे, ने बताया कि वे पहलगाम जाने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में सुरक्षाबलों ने उन्हें रोक दिया। आतंकी हमले के बाद पहलगाम में सेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इसी कारण पर्यटकों को इलाके में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने यह भी बताया कि पहलगाम को खाली कराया जा चुका है, और सभी पर्यटक स्थल तथा बाजार बंद कर दिए गए हैं। फिलहाल वे श्रीनगर के एक होटल में ठहरे हुए हैं और वहां की स्थिति सामान्य होने तक वहीं रुकने की योजना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फोन पर उनका हालचाल जाना और सभी की सुरक्षा की जानकारी ली है।
सरकार की मुआवजा योजना
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा, गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 2 लाख रुपये और मामूली रूप से जख्मी लोगों को 1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इस हमले के चलते रायपुर और भिलाई के करीब 70 पर्यटक श्रीनगर में फंसे हुए हैं, जिन्हें एक होटल में रोका गया है।
पर्यटकों के अनुभव: कैसे बचा एक दल
65 यात्रियों का यह दल रायपुर की ट्रैवल एजेंट ममता शर्मा के नेतृत्व में कश्मीर यात्रा पर निकला था। उनके अनुसार, इस समूह में 8 लोग बिलासपुर, 10 लोग भिलाई और बाकी सभी रायपुर से हैं। वे बताते हैं कि ट्रिप पूरी तरह आनंददायक चल रही थी और अगला पड़ाव पहलगाम था। सुबह 9 बजे चेक आउट करना था लेकिन देरी हो गई और दोपहर 2 बजे तक वे श्रीनगर में ही रह गए।
जब वे पहलगाम के लिए रवाना हुए, तब तक उन्हें किसी घटना की जानकारी नहीं थी। रास्ते में सेना ने उनकी गाड़ियों को रोक लिया। शुरुआत में माहौल सामान्य लग रहा था और स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि यह जांच-पड़ताल आम बात है। मगर थोड़ी देर में खबर आई कि पर्यटकों पर हमला हुआ है। यह सुनते ही सभी लोग घबरा गए।
रास्ते पर भारी जाम लग गया और सेना के जवान हथियारों के साथ बड़ी संख्या में तैनात हो गए। जवानों ने आगे बढ़ने से मना कर दिया और कहा कि सभी लोग वहीं रुकें। इसके बाद धीरे-धीरे एंबुलेंस भी पहुंचने लगीं, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
ड्राइवरों से मिली जानकारी से पता चला कि कुछ लोगों को गोलियों से निशाना बनाया गया है। उस वक्त यात्रियों में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल थे। सुरक्षा बल बार-बार निर्देश दे रहे थे कि कोई आगे नहीं बढ़े। उस क्षण सभी लोग गाड़ियों में ही बैठे रहे क्योंकि पहलगाम में उनके 20 से अधिक होटल रूम पहले से बुक थे और पुराने होटल वे छोड़ चुके थे।
बैकअप होटल्स की तलाश शुरू हुई, लेकिन श्रीनगर के अधिकांश होटल पहले से फुल थे। सभी लोग लगातार फोन कॉल्स कर रहे थे ताकि किसी तरह उनके रहने की व्यवस्था हो सके। हालात ऐसे थे कि बुलेटप्रूफ गाड़ियों में सैनिक तेजी से आगे निकलते जा रहे थे, जबकि पर्यटक डरे-सहमे खड़े थे।
काफी प्रयासों के बाद जिस होटल में वे पहले ठहरे थे, वहां के प्रबंधकों ने अपने आने वाले मेहमानों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया और इस ग्रुप के लिए 22 कमरे उपलब्ध करवाए। अब सभी लोग वहीं सुरक्षित हैं। ममता शर्मा ने कहा कि होटल वालों का सहयोग कभी न भूलने वाला है – उन्होंने न केवल उन्हें सुरक्षित स्थान दिया बल्कि यह भी कहा कि यह आपका ही घर है। स्थानीय लोगों ने भी हर संभव मदद की, जो दिल को छू लेने वाला अनुभव था।
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से
जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे |
https://chat.whatsapp.com/IOVoH6eNnBa5TB0nClVjXi



