बयानों में विरोधाभास बना संदेह की वजह
पुलिस को शुरुआत में यह एक हादसा लगा था, लेकिन जब बच्चे का शव पानी की टंकी से बरामद हुआ और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मौत पानी में डूबने से हुई है, तब मामला संदिग्ध लगने लगा। करिश्मा के लगातार बदलते और विरोधाभासी बयानों ने पुलिस को शक में डाल दिया।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक डी बी बसिया के अनुसार, करिश्मा को गर्भावस्था के दौरान कई मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा था। तीसरे महीने में उसे जटिलताएं आईं, और अंततः उसने ऑपरेशन (सी-सेक्शन) से बच्चे को जन्म दिया।
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बच्चा रोता रहा, मां ने खोया आपा
रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह जब बच्चा लगातार रो रहा था और चुप नहीं हो रहा था, तो करिश्मा ने गुस्से में आकर अपना संयम खो दिया। बसिया ने बताया कि करिश्मा ने पुलिस को बताया कि वह बाथरूम जाना चाहती थी, लेकिन बच्चा रोए जा रहा था और शांत नहीं हो रहा था, इसलिए उसने उसे अंडरग्राउंड वाटर टैंक में ले जाकर डुबो दिया।
जिस टैंक में शव मिला, वह एक भारी लोहे के ढक्कन से ढका हुआ था और उसकी बनावट ऐसी थी कि कोई बच्चा वहां गलती से पहुंच नहीं सकता था। जब पुलिस ने यह देखा और करिश्मा के बयानों में मेल नहीं पाया, तो उन्होंने जांच को नए सिरे से शुरू किया।
ऐसे हुआ पूरे मामले का खुलासा
शनिवार सुबह करीब 11 बजे करिश्मा के पति दिलीप बघेल ने पुलिस को बच्चे के गायब होने की सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि जब वह सो रहे थे, तब करिश्मा और उसकी मां गुड़ी बच्चे की देखभाल कर रही थीं। करिश्मा ने उन्हें उठाकर बताया कि बच्चा अचानक गायब हो गया है।
इसके बाद पुलिस और पड़ोसियों ने मिलकर खोजबीन शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और इलाके में घोषणा कर गुमशुदगी की सूचना फैलाई गई। आखिरकार जांच के दौरान करिश्मा की सच्चाई सामने आ गई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।


