दुर्ग : सुशासन तिहार के दौरान बिना कलेक्टर अनुमति नहीं मिलेगा अवकाश: जनशिकायतों के त्वरित समाधान, विभागीय जवाबदेही और योजनाओं की निगरानी पर रहेगा विशेष फोकस....

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप "सुशासन तिहार" का आयोजन प्रदेश सहित जिले में भी तीन चरणों में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शासन को मजबूत बनाना, जनसमस्याओं का शीघ्र समाधान करना, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करना और जनसंवाद को प्रभावशाली बनाना है। आज से इस तिहार के पहले चरण की शुरुआत हुई है। इस आयोजन के माध्यम से प्रशासन सीधे आम लोगों से जुड़कर उनकी समस्याओं को तय समय में हल करेगा।

कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों का समाधान हो चुका है, उनकी फाइलें विलोपन के लिए प्रस्तुत की जाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि तिहार के दौरान प्राप्त शिकायतों का निपटारा अधिकारीगण सर्वोच्च प्राथमिकता पर करें।

कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी कहा कि वे शिकायत मिलने की प्रतीक्षा न करें, बल्कि संभावित समस्याओं को पहले ही सुलझाने का प्रयास करें। साथ ही, मांगों के समाधान में उपलब्ध संसाधनों और विभागीय बजट का ध्यान रखते हुए ही निर्णय लिया जाए, क्योंकि हर मांग को पूरा कर पाना संभव नहीं है। नागरिकों द्वारा दिए गए आवेदन में मोबाइल नंबर का उल्लेख आवश्यक बताया गया है। समाधान पेटी की जिम्मेदारी जिस कर्मचारी को दी गई है, वह यह सुनिश्चित करे कि आवेदन में मोबाइल नंबर सही ढंग से लिखा गया हो।

सुशासन तिहार के दौरान आयोजित शिविरों में सभी विभाग प्रमुखों की स्वयं उपस्थिति आवश्यक रहेगी। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता से निपटान किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राप्त आवेदनों को पंजीकृत कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाए।

जल जीवन मिशन, पेयजल सुविधा, बिजली कनेक्शन, आरटीई के तहत स्कूलों में दाखिला, स्कूल और आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की भर्ती से जुड़ी शिकायतों का निराकरण आवेदन प्राप्त होने से पूर्व ही कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन और पीजीएन पोर्टल पर लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करें, जिससे अधिकांश जनसमस्याओं का समाधान हो सके।

कलेक्टर ने तहसीलदारों से कहा कि न्यायालयीन मामलों को व्यक्तिगत रूप से सुलझाएं और पटवारियों को बेवजह मुख्यालय छोड़कर जिला कार्यालय न बुलाया जाए। उन्होंने यह भी हिदायत दी कि फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों की अनावश्यक बैठकें न की जाएं ताकि वे अपने कार्य समय का सही उपयोग कर सकें। कार्य में लापरवाही करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सुशासन तिहार की अवधि में अधिकारी एवं कर्मचारी बिना कलेक्टर की अनुमति के अवकाश नहीं ले सकेंगे। सभी जिला अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि यह निर्देश उनके अधीनस्थों तक अवश्य पहुंचे। कार्यालय में गैरहाजिर और जिम्मेदारियों से विमुख कर्मचारियों को नोटिस दिया जाए, और यदि वे जवाब नहीं देते हैं तो उनके विरुद्ध एकतरफा कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाओं की राशि किसी बंद बैंक खाते में न हो। यदि औचक निरीक्षण में ऐसी स्थिति पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

डीआईओ सुश्री श्वेता चौबे ने अधिकारियों को बताया कि आवेदन फार्म भरने, पोर्टल में डाटा एंट्री करने और समाधान की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को ऑनलाइन आवेदन के निराकरण हेतु यूजर आईडी और पासवर्ड भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

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