भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में स्थित नजीबाबाद रेलवे स्टेशन के कैरिज एंड वैगन डिपार्टमेंट में कार्यरत तकनीकी कर्मचारी दीपक कुमार की मौत का राज तब खुला जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी हत्या की पुष्टि हुई। चौंकाने वाली बात ये रही कि इस हत्या को अंजाम देने वाली और कोई नहीं बल्कि उसकी पत्नी शिवानी निकली।
शिवानी ने पति की मौत को हार्ट अटैक का रूप देने की कोशिश की। वह खुद ही उसे अस्पताल ले गई, लेकिन जब शव के गले पर निशान मिले तो परिवार को शक हुआ और पोस्टमार्टम कराने पर सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने शिवानी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच में जुट गई है कि हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग था या कोई और वजह।
प्यार से शादी, फिर बदली कहानी
दीपक कुमार, जो हल्दौर के मुकरंदपुर गांव के रहने वाले थे, ने 17 जनवरी 2024 को नहटौर के चौहड़पुर गांव की शिवानी से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों नजीबाबाद के आदर्श नगर में किराये के मकान में रह रहे थे।
शुक्रवार की दोपहर शिवानी ने दीपक की मां और छोटे भाई को कॉल करके बताया कि दीपक को दिल का दौरा पड़ा है। वह उसे नजीबाबाद के एक निजी अस्पताल और फिर समीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। जब तक वे बिजनौर जिला अस्पताल पहुंचे, तब तक दीपक की मौत हो चुकी थी।
पोस्टमार्टम से खुला राज
शिवानी पहले शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहती थी, लेकिन दीपक के परिवार ने गले पर निशान देखे और पोस्टमार्टम की मांग की। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि गला दबाने से दीपक की मौत हुई थी। इसके बाद मृतक के भाई पीयूष उर्फ मुकुल ने नजीबाबाद थाने में शिवानी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने शिवानी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में बदली बात, कबूल किया गुनाह
सीओ नितेश प्रताप सिंह और थाना प्रभारी जय भगवान सिंह ने शिवानी से गहन पूछताछ की, जिसमें शुरू में वह लगातार गुमराह करती रही। बाद में उसने यह स्वीकार कर लिया कि हत्या उसी ने की है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस अपराध में शिवानी के साथ और कौन शामिल था।
सरकारी नौकरी और फंड का लालच बना वजह?
दीपक की मां पुष्पा और भाई पीयूष के अनुसार, शिवानी का व्यवहार शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के साथ सही नहीं था। उसने कई बार अपनी सास के साथ मारपीट भी की थी। इसी तनाव की वजह से दीपक ने 15 दिन पहले उसे नजीबाबाद शिफ्ट कर दिया था और अलग किराए का घर ले लिया था।
दीपक और शिवानी का एक साल का बेटा वेदांत भी है। आरोप है कि पति की सरकारी नौकरी के बाद मिलने वाली मृतक आश्रित की नौकरी और बीमा राशि हड़पने की नीयत से शिवानी ने किसी अन्य के साथ मिलकर यह खौफनाक कदम उठाया।
रस्सी से की गई हत्या, खाने के समय दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, हत्या रस्सी से गला घोंटकर की गई। जब यह वारदात हुई, उस समय दीपक कुछ खा रहा था। पोस्टमार्टम में भी यह बात सामने आई कि उसके गले में खाना फंसा हुआ था।
किसके साथ मिलकर की हत्या?
शिवानी ने पूछताछ में एक युवक का नाम लिया था, लेकिन जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो वह खुद को निर्दोष साबित करने में कामयाब रहा। अब पुलिस उस दूसरे व्यक्ति की तलाश में जुटी है, जिसने हत्या में शिवानी का साथ दिया हो सकता है।
पहले सीआरपीएफ में था दीपक
गौरतलब है कि दीपक ने 2021 में मणिपुर में सीआरपीएफ में नौकरी की थी, लेकिन बाद में वह यह नौकरी छोड़कर मार्च 2023 में रेलवे में बतौर तकनीकी कर्मचारी नियुक्त हुआ था।
एसपी सिटी संजीव वाजपेयी के अनुसार, सभी पहलुओं—प्रेम संबंध, पारिवारिक विवाद और लालच—को ध्यान में रखते हुए गहन जांच जारी है। पुलिस जल्द ही हत्या में शामिल सभी लोगों की पहचान कर मामले का खुलासा करने का प्रयास कर रही है।
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