भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिले के घाटपदमपुर गांव से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वे के लिए राज्यव्यापी मोर दुआर-साय सरकार महाअभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने व्यक्तिगत रूप से गांव के कई लाभार्थियों के घर पहुंचकर सर्वे का कार्य किया। उनके आगमन से गांव में खासा उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता हर योग्य ग्रामीण परिवार को पक्का व सुरक्षित आशियाना मुहैया कराना है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सर्वेक्षण कार्य पूरी पारदर्शिता और समयसीमा के भीतर पूरा किया जाएगा ताकि कोई भी जरूरतमंद लाभ से वंचित न रह जाए।
गौर करने वाली बात है कि मुख्यमंत्री साय की विशेष पहल पर मोर दुआर-साय सरकार महाभियान 15 दिनों तक चलेगा, जो 30 अप्रैल तक संपूर्ण राज्य में संचालित होगा। इसका प्रमुख उद्देश्य ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है जिन्हें अब तक किसी सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, और उन्हें स्थायी पक्के मकान की सुविधा देना है।
यह महाअभियान तीन चरणों में क्रियान्वित किया जाएगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल तक जिला एवं विकासखंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक ग्राम सभाओं के माध्यम से घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वे किया जाएगा। अंतिम और तीसरे चरण में 29 व 30 अप्रैल को सर्वेक्षण की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन के उपरांत अंतिम रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेजी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने घाटपदमपुर में आयोजित जनसभा के दौरान लाभार्थियों से सीधी बातचीत की और उनके निवास की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने निर्मित मकानों को देखकर संतोष जताया और कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे में शामिल हर पात्र व्यक्ति को योजनांतर्गत जल्द से जल्द शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने घर-घर जाकर की हितग्राहियों की पहचान
सीएम साय जब शिलोमणि कश्यप और करुणा कश्यप के घर पहुंचे, तो परिवार ने पारंपरिक तौर पर उनका आत्मीय स्वागत किया। शिलोमणि ने बताया कि उनके परिवार में पति हरिसिंह, पुत्र अभिनव (कक्षा 9वीं), पुत्री अनुप्रिया (कक्षा 8वीं), और सबसे छोटा बेटा अभिषेक (कक्षा 3) हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से उनका सपना था कि उनका परिवार पक्के मकान में रह सके, जो अब संभव होता दिख रहा है।
मुख्यमंत्री ने गांव की एक अन्य लाभार्थी लूदरी कश्यप के घर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ‘आवास प्लस 2024 (2.0)’ मोबाइल ऐप के माध्यम से खुद सर्वे की प्रक्रिया पूरी की। भावुक लूदरी कश्यप ने बताया कि लंबे समय से वे पक्के मकान की आस लगाए बैठी थीं, जो अब पूरी होती प्रतीत हो रही है। उन्होंने यह भी साझा किया कि वर्षा ऋतु में उनके कच्चे मकान में अक्सर सांपों का खतरा बना रहता था और मरम्मत पर काफी खर्च होता था। योजना से अब उन्हें इन समस्याओं से राहत मिलेगी।
लूदरी कश्यप ने बताया कि उनके परिवार में पति मनबोध कश्यप, बहू करुणा कश्यप, बेटा ईश्वर कश्यप और पोता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार मजदूरी पर आश्रित है और सीमित आय के चलते पक्का मकान बनवाना संभव नहीं था। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि अब उनका परिवार सुरक्षित और स्थायी आवास की ओर अग्रसर है।
घाटपदमपुर पंचायत की जनसंख्या कुल 2,078 है और वर्तमान में 583 परिवार वहां निवास कर रहे हैं। इससे पूर्व प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत यहां 11 परिवारों को स्थायी सूची के आधार पर आवास स्वीकृत हुए थे, जिनके मकानों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आर्थिक सहारा
ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें राज्य की *महतारी वंदन योजना* से भी लाभ मिल रहा है, जिससे वे न केवल अपने घरेलू खर्चों को पूरा कर रही हैं, बल्कि बच्चों की शिक्षा और भविष्य की बचत भी कर पा रही हैं।
हर नागरिक को मिलनी चाहिए गरिमा पूर्ण जीवन की सुविधा: उपमुख्यमंत्री शर्मा
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक को गरिमा पूर्ण जीवन जीने का अधिकार मिले, जिसमें पक्का घर एक आवश्यक तत्व है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकल्प के साथ काम कर रही है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकारी योजनाओं से वंचित न रह जाए।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत राज्य में कुल 11,50,315 मकान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से 9,41,595 मकानों की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। अब तक 1,78,476 मकान पूर्ण रूप से बन चुके हैं और शेष निर्माणाधीन हैं। कुल 3,59,037 लाभार्थियों को अब तक आवास प्रदान किए जा चुके हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने डिजिटल तकनीक का सहारा लिया है। लाभार्थी ‘आवास प्लस’ मोबाइल एप के जरिए खुद भी अपनी जानकारी अपलोड कर सकते हैं, और इसके अतिरिक्त ‘GRIH पोर्टल’ भी राज्य सरकार द्वारा विकसित किया गया है।
इस आयोजन में वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक किरण देव (जगदलपुर), विधायक विनायक गोयल (चित्रकोट), महापौर संजय पाण्डे (जगदलपुर) समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
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