अब दुर्ग के नागरिकों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल, नालों का गंदा पानी इंटकवेल से दूर ट्रीटमेंट के बाद होगा डिस्चार्ज...

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : नगर निगम क्षेत्र में जल आपूर्ति की गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसके तहत अब शहरवासियों को दुर्गंध युक्त पानी की समस्या से मुक्ति मिलने वाली है। दरअसल, अब तक शहर का सीवरेज (गंदा) पानी सीधे इंटकवेल के पास छोड़ा जा रहा था, जिससे जल शुद्धिकरण में अधिक रसायनों का इस्तेमाल करना पड़ता था। इससे पानी की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा था और बदबू की शिकायतें आम थीं। अब इस गंदे पानी को एनीकट के दूसरे सिरे पर भेजा जाएगा, जहां इसे पहले प्राइमरी ट्रीटमेंट से गुजारा जाएगा।

इस नई व्यवस्था को अमृत मिशन योजना के अंतर्गत पूरा किया गया है, जिस पर लगभग 3 करोड़ रुपये का खर्च आया है। योजना के अंतर्गत 32 मीटर लंबे पुलगांव नाले में डायवर्सन बनाया गया है, जिसकी गहराई 14 मीटर और लंबाई 13 मीटर रखी गई है। एक संपवेल भी बनाया गया है जहां प्रारंभिक ट्रीटमेंट होगा। गंदे पानी को ऊपर उठाने के लिए 100-100 हॉर्सपावर के चार पंप लगाए गए हैं, जिन्हें वेट वेल में इंस्टॉल किया गया है। पंपों के लिए अलग से एक ट्रांसफार्मर भी लगाया गया है ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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इस सिस्टम के माध्यम से प्रतिदिन 30 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) गंदा पानी को प्राइमरी ट्रीटमेंट के बाद महमरा एनीकट के पार स्थित मुक्तिधाम के पीछे की ओर शिवनाथ नदी में छोड़ा जाएगा। इससे पानी की गुणवत्ता में काफी सुधार होगा और नागरिकों को साफ पानी का लाभ मिलेगा।

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ऑटोमेटिक और कंप्यूटराइज्ड संचालन

नई प्रणाली को पूरी तरह से कंप्यूटर नियंत्रित बनाया गया है। इसके लिए पीएलसी स्काडा तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे पंपों का संचालन कंप्यूटर सिस्टम के जरिए किया जा सकेगा। इससे मैनपावर की आवश्यकता भी घटेगी। पहले तक गंदा पानी सीधे इंटकवेल के पास बहाया जा रहा था, जिससे फिल्टर प्लांट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता था और शुद्धिकरण में भारी मात्रा में रसायनों की जरूरत होती थी। नई व्यवस्था से इस समस्या का समाधान संभव हो गया है।

शटडाउन के कारण योजना में आ रही देरी

हालांकि पूरी प्रणाली तैयार है, लेकिन इसे चालू करने के लिए ट्रांसफार्मर को चार्ज करना बाकी है। इस कार्य में लगभग 14 से 16 घंटे का समय लगेगा। इतने लंबे समय के लिए बिजली सप्लाई बंद करने से इंटकवेल से फिल्टर प्लांट को पानी नहीं मिल पाएगा, जिससे पूरे शहर की जल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। मौजूदा गर्मी के मौसम को देखते हुए निगम फिलहाल इस शटडाउन को टाल रहा है।

एमआईसी प्रभारी जल विभाग, लीना दिनेश देवांगन का बयान

लीना दिनेश देवांगन ने बताया कि पुलगांव नाले में डायवर्सन बनने के बाद अब गंदे पानी को लिफ्ट करके एनीकट के पार छोड़ा जाएगा। इससे पहले प्राइमरी ट्रीटमेंट भी किया जाएगा। चार पंपों और ट्रांसफार्मर का पूरा सेटअप तैयार है, लेकिन इसे चार्ज करने में लगने वाले 14-16 घंटे के शटडाउन की वजह से इसे शुरू करने में विलंब हो रहा है। जैसे ही उपयुक्त समय मिलेगा, सिस्टम को चालू कर दिया जाएगा।


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