भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रायपुर, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और वादा पूरा होने जा रहा है। राज्य की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल, राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस से नकद भुगतान और अन्य डिजिटल सुविधाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में प्रत्येक विकासखंड की 10-10 ग्राम पंचायतों के लिए “अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र” स्थापित करने हेतु समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
इन केंद्रों के जरिए ग्रामीणों को अब एक ही स्थान पर कई सेवाएं उपलब्ध होंगी। वे अपने बैंक खातों से आसानी से राशि निकाल सकेंगे, अन्य खातों में धनराशि स्थानांतरित कर सकेंगे, बिजली और पानी के बिलों का भुगतान कर सकेंगे, साथ ही पेंशन और बीमा जैसी सुविधाओं का लाभ अपनी पंचायत में ही प्राप्त कर सकेंगे।
इन डिजिटल सुविधा केंद्रों की शुरुआत के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के सेवा प्रदाताओं और ग्राम पंचायतों के सरपंचों के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। यह आयोजन राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में संपन्न हुआ। इन केंद्रों के शुरू होने से ग्रामीणों को छोटे-मोटे कामों के लिए विकासखंड या जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि वे अपने गांव में ही कई सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला मुख्यालयों में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि हम मोदी जी की एक और गारंटी को पूरा करने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने ग्राम पंचायतों में नकद लेनदेन की सुविधा शुरू करने का वचन दिया था, जो अब साकार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सवा साल के भीतर ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है। इसमें किसानों के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, पिछले दो वर्षों का धान बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, बुजुर्गों के लिए रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का दोबारा शुरू होना, साथ ही 5 लाख 62 हजार कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता शामिल है। उन्होंने कहा कि इन सुविधा केंद्रों के जरिए ग्रामीण धान खरीदी की राशि, महतारी वंदन योजना की राशि, पेंशन और अन्य योजनाओं की राशि प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी अन्य सेवाएं भी गांव में ही उपलब्ध होंगी।
हर पात्र व्यक्ति को मिले आवास: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि हर व्यक्ति को पक्का मकान मिले। पिछली सरकार के कार्यकाल में 18 लाख हितग्राही आवास से वंचित रह गए थे। हमारी सरकार ने शपथ ग्रहण के दूसरे दिन कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवासों को मंजूरी दी थी। अब तक केंद्र सरकार से हमें 14 लाख आवास प्राप्त हुए हैं। हाल ही में केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि छत्तीसगढ़ के लिए साढ़े तीन लाख और आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं। सभी पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराने के लिए “आवास प्लस प्लस” सर्वे में पात्रता के दायरे को और व्यापक किया गया है, ताकि हर जरूरतमंद का घर का सपना पूरा हो सके।
उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलने वाले प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस प्लस सर्वे में सभी जरूरतमंद और पात्र लोगों के नाम शामिल किए जाएं, ताकि उन्हें इस योजना का लाभ मिल सके।
जल संचयन को बढ़ावा देने की अपील
मुख्यमंत्री साय ने राज्य में भू-जल स्तर के लगातार कम होने पर चिंता जताई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन को प्रोत्साहित करने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र पंचायतों में वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। इन केंद्रों से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर रेलवे टिकट बुकिंग, छात्रवृत्ति, पेंशन राशि निकासी जैसी कई सुविधाएं मिलेंगी। इससे ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प पूरा होगा।
उन्होंने कहा कि भू-जल स्तर का गिरना एक गंभीर समस्या है। इसके समाधान के लिए विभाग की ओर से विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जा रही है। भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने उपस्थित लोगों से इस दिशा में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लेने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम में सांसद, विधायक, जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सरपंच और अन्य नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम में उन पंचायतों के PMAY-G पंचायत एंबेसडरों को विशेष रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया गया, जहां पहले से ये एंबेसडर कार्यरत हैं। जिन पंचायतों में अभी तक PMAY-G पंचायत एंबेसडर नियुक्त नहीं हुए हैं, वहां उपयुक्त व्यक्तियों का चयन कर उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत चल रहे विशेष सर्वे पखवाड़ा “मोर दुवार साय सरकार” महाभियान (15 अप्रैल से 30 अप्रैल) की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। साथ ही, ग्राम पंचायतों में भू-जल स्तर की स्थिति के बारे में बताया गया और वाटर हार्वेस्टिंग को अपनाने के लिए जनप्रतिनिधियों को संकल्प दिलाया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, विशेष सचिव तारण प्रकाश सिन्हा, मनरेगा आयुक्त एवं PMAY ग्रामीण संचालक रजत बंसल, और पंचायत संचालक प्रियंका महोबिया उपस्थित थीं।
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