भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : रायपुर के वीआईपी रोड पर हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत के मामले में गिरफ्तार की गई विदेशी युवती को कोर्ट से जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद युवती सेंट्रल जेल से रिहा हो चुकी है, लेकिन उसे भारत छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई है। उसका पासपोर्ट अब भी पुलिस की हिरासत में है।
वकील का दावा- युवती को ड्राइविंग नहीं आती, फिर भी गैर इरादतन हत्या में फंसाया गया
विदेशी युवती के वकील अनुराग गुप्ता ने बताया कि उनकी मुवक्किल को कार चलाना नहीं आता है, बावजूद इसके उसे हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराकर गैर इरादतन हत्या की धाराओं में फंसा दिया गया। उन्होंने कहा कि युवती उस कार में को-पैसेंजर के रूप में मौजूद थी और वाहन चला कौन रहा था, इस पर अभी तक पुलिस के पास ठोस सबूत नहीं हैं।
जांच में कई खामियों का आरोप, कोर्ट में रखे गए तर्क
अनुराग गुप्ता ने बताया कि पुलिस की जांच में कई महत्वपूर्ण चूकें पाई गईं, जिन्हें कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने सभी तथ्यों और दलीलों को सुनने के बाद युवती को राहत देते हुए जमानत दे दी।
वियना कन्वेंशन का उल्लंघन और भाषा की समस्या
वकील ने तर्क दिया कि गिरफ्तारी के समय तेलीबांधा पुलिस ने वियना कन्वेंशन के प्रावधानों का पालन नहीं किया। यह अंतरराष्ट्रीय संधि कहती है कि किसी विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी की स्थिति में संबंधित दूतावास को तत्काल सूचित किया जाना चाहिए, लेकिन पुलिस ने इसमें देर की। साथ ही, गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया हिंदी में की गई, जिसे युवती समझने में असमर्थ थी। अरेस्ट मेमो भी अंग्रेजी में नहीं था। इन सभी आधारों पर कोर्ट में अपील की गई।
टूरिस्ट है, टेररिस्ट नहीं: हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी
वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मीडिया के दबाव में आकर गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया और युवती को जेल भेज दिया। जबकि यह मामला मूल रूप से मोटर व्हीकल एक्ट से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि युवती भारत में पर्यटक के रूप में आई थी, ना कि कोई आतंकवादी। उनके अनुसार, जांच प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों को अब हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी ताकि युवती को न्याय मिल सके।
क्या है पूरा मामला?
6 फरवरी 2025 की रात करीब 12:30 बजे रायपुर की वीआईपी रोड पर एक कार ने स्कूटी सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में तीनों युवक घायल हो गए थे, जिनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद लोगों ने कार को घेर लिया। कार में एक विदेशी युवती और एक स्थानीय युवक मौजूद थे, जो पेशे से सरकारी वकील हैं।
युवती विदेशी लग रही थी, जिससे मौके पर मौजूद लोग उसे "रशियन" कहकर पुकारने लगे। भीड़ जुटने पर पुलिस वहां पहुंच गई। पुलिस ने दोनों को थाने चलने के लिए कहा, लेकिन युवती अपना मोबाइल फोन मांगने लगी। भाषा की समस्या और महिला कॉन्स्टेबल की गैर मौजूदगी के कारण स्थिति बिगड़ गई।
युवती नशे की हालत में थी और फोन के बिना जाने से मना कर रही थी। करीब 45 मिनट तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। इसके बाद पुलिस ने दोनों को जबरन गाड़ी में बैठाकर थाने लाया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद विदेशी युवती और उसके साथी पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया था।
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से
जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे |
https://chat.whatsapp.com/IOVoH6eNnBa5TB0nClVjXi


