अबूझमाड़ के जंगल में बिखरा जश्न: 10 करोड़ के नक्सली बसवा राजू की मौत पर जवानों ने मनाया विजय पर्व..

भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के जंगलों में मौत के सन्नाटे के बीच बजा जश्न का ढोल, जब जवानों ने 10 करोड़ के इनामी नक्सली बसवा राजू को मार गिराया।

बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद जवानों का जश्न – जंगल में नाचते और रंग उड़ाते DRG जवान

इस बड़ी सफलता के बाद सुरक्षाबलों ने लाशों के सामने ही जंगल में नाच-गाकर और रंग-गुलाल उड़ाकर जीत का उत्सव मनाया। घर लौटने पर परिजनों ने जवानों की आरती उतारी। नारायणपुर शहर में आतिशबाजी हुई, पटाखे फोड़े गए।

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बसवा राजू नक्सली संगठन का सबसे बड़ा चेहरा था, जिसके पीछे छह राज्यों की पुलिस लगी थी। देश की अधिकांश बड़ी नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड इसी को माना जाता रहा है। अंततः वह अबूझमाड़ के बोटेर इलाके में DRG के शिकंजे में आ गया। उसके साथ 26 और नक्सली भी मारे गए, जिनमें 25 लाख का इनामी जंगू नवीन उर्फ मधु भी शामिल था।

इस भीषण ऑपरेशन में जवानों ने भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए —
AK-47, SLR, इंसास राइफल, रॉकेट लॉन्चर और भारी गोला-बारूद भी जब्त किया गया।

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बसवा राजू उर्फ नम्बाला केशव राव आंध्र प्रदेश का रहने वाला था और बीटेक तक पढ़ाई कर चुका था। फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाला ये इंजीनियर, नक्सली विचारधारा से प्रभावित होकर संगठन में शामिल हो गया और पोलित ब्यूरो तक पहुंचा।

बसवा राजू का अलग-अलग राज्यों में 10 नामों से परिचय था – कहीं वासवराज, कहीं राजू, तो कहीं केशव दादा। उसने अबूझमाड़ को अपना नया गढ़ बना लिया था। कुछ समय पहले उसे सुरक्षा कारणों से कर्रेगुट्टा से अबूझमाड़ शिफ्ट किया गया था।

DRG की चार जिलों की सयुंक्त टीम ने 19 मई से ऑपरेशन शुरू किया। तीन दिनों की घेराबंदी के बाद 21 मई को सुबह मुठभेड़ में बसवा राजू ढेर हो गया। खबर फैलते ही जवान शव लेकर लौटे और नारायणपुर में माहौल जश्न में बदल गया।

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