भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : कोरोना फिर से डराने लगा है... बीते 2 दिन में देश ने दो जिंदगियां गंवा दी हैं।
कोरोना के नए वैरिएंट ने फिर से देश में चिंता बढ़ा दी है। शनिवार तक 27 नए केस सामने आए हैं और एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 363 हो गई है।स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के मुताबिक, बेंगलुरु में एक 84 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई है। इससे पहले महाराष्ट्र के ठाणे में 21 साल के एक युवक ने दम तोड़ा था।
शनिवार को सबसे ज्यादा केस ठाणे से आए – कुल 8 मरीज। राजस्थान और कर्नाटक से 5-5, उत्तराखंड और हरियाणा से 3-3, इंदौर से 2 और नोएडा से 1 नया केस मिला है।घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे।स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर चिंता है।
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इसी बीच, शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में ICMR, DHR, DGHS और NCDC के अधिकारी शामिल हुए। सभी राज्यों से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नए केस केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक से सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अधिकतर मरीज होम आइसोलेशन में हैं और उनकी स्थिति स्थिर है।
INSACOG के मुताबिक, भारत में कोविड-19 के NB.1.8.1 वैरिएंट का एक मामला और LF.7 के 4 केस मिले हैं। ये वही वैरिएंट हैं जो चीन और एशिया के कुछ हिस्सों में तेजी से फैल रहे हैं।हालांकि, WHO ने इन्हें फिलहाल ‘चिंताजनक’ नहीं माना है, लेकिन इन्हें निगरानी में रखा गया है। NB.1.8.1 में A435S, V445H, और T478I जैसे म्यूटेशन हैं, जो इसे ज्यादा संक्रामक बनाते हैं।
भारत में JN.1 सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है।
यह टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में पाया गया है। इसके बाद BA.2 और ओमिक्रॉन सबलाइनेज के मामले सामने आए हैं।गुजरात में 33 एक्टिव केस हैं, जहां कुल 40 केस आ चुके हैं। दिल्ली में हेल्थ मिनिस्टर पंकज सिंह ने बताया कि गुरुवार तक 23 केस दर्ज किए गए हैं।
गाजियाबाद में भी कोरोना की आहट
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से 4 नए मरीज मिले हैं। इनमें से 3 को होम आइसोलेशन और 1 को अस्पताल में भर्ती किया गया है। हरियाणा में 48 घंटे में 5 नए मरीजों की पुष्टि हुई है, जिनमें 2 महिलाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें किसी की भी विदेश यात्रा की हिस्ट्री नहीं है।
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JN.1 वैरिएंट क्यों है खतरनाक?
यह ओमिक्रॉन के BA2.86 का स्ट्रेन है, जिसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं। WHO ने दिसंबर 2023 में इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया था।जानकारों के अनुसार, यह वैरिएंट आसानी से फैलता है, हालांकि गंभीर नहीं है। लेकिन यह इम्यूनिटी को कमजोर करता है और इसके लक्षण हफ्तों तक बने रह सकते हैं।इलाके के लोगों ने प्रशासन से सतर्कता बढ़ाने की मांग की है।
⚠️ सावधानी ज़रूरी है... कोरोना गया नहीं है!
अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने हुए हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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