भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : देश के लाखों दिव्यांगजनों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। केंद्र सरकार ने अब उनके लिए सरकारी घरों के आवंटन में 4% आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस कदम से दिव्यांगजनों को न केवल रहने की सुविधा मिलेगी बल्कि उन्हें समाज में बराबरी का हक भी मिलेगा।
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने जानकारी दी कि अब केंद्र सरकार के अधीन आने वाले घरों में 4 प्रतिशत घर दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित रहेंगे। दिव्यांगजन वह व्यक्ति होता है, जिसे एक या उससे अधिक प्रकार की विकलांगता होती है।
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👉 सरकार ने जारी किया सर्कुलर
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत संपदा निदेशालय ने सर्कुलर जारी करते हुए साफ किया है कि सरकारी आवासों में दिव्यांगों को आरक्षण मिलेगा। इसका उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं में समानता, सम्मान और सुगम्यता सुनिश्चित करना है।
इस फैसले से सरकार ने फिर दिखाया है कि वह एक समावेशी और सुलभ भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
👉 घर पाने के लिए क्या करना होगा?
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जिन केंद्र सरकार के कर्मचारियों के पास "Benchmark Disability" है (RPWD Act 2016 की धारा 34 के अनुसार), उन्हें GPRA आवास में प्राथमिकता मिलेगी।
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ऐसे PwD आवेदकों को पहली बार आवंटन या बदलाव – दोनों स्थितियों में प्राथमिकता दी जाएगी।
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"UDID कार्ड" विकलांगता के प्रमाण के तौर पर मान्य होगा।
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RPWD Act की धारा 2(r) के तहत "Benchmark Disability" को परिभाषित किया गया है।
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यह आरक्षण eSampada वेबसाइट के ज़रिए हर महीने की बोली प्रक्रिया में लागू होगा, जो एक स्वचालित प्रणाली से संचालित होता है।
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पंजीकृत आवेदकों को अपने प्रोफाइल में UDID कार्ड अपलोड करना होगा। इसके बाद उनका मंत्रालय या विभाग उस कार्ड को सत्यापित करेगा और फिर आवेदन निदेशालय को भेजा जाएगा।
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दिव्यांग आवेदकों को eSampada पोर्टल पर "PwD" कैटेगरी के तहत बोली लगानी होगी।



