गृह विभाग की नई गाइडलाइन के मुताबिक, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं की गिरफ्तारी के बाद 30 दिनों के भीतर सत्यापन कर उन्हें देश से डिपोर्ट कर दिया जाएगा। इन सेंटरों को डिटेंशन सेंटर की तरह तैयार किया जाएगा।
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अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने निर्देश दिए हैं कि केंद्र सरकार की तय गाइडलाइन के अनुसार ही कार्रवाई हो। गिरफ्तार किए गए घुसपैठियों की सूचना विदेश मंत्रालय को भी दी जाएगी।
फिलहाल, छत्तीसगढ़ में चार बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान हो चुकी है – तीन रायपुर में और एक भिलाई में। ये सभी फिलहाल जेल में हैं।
हर जिले की पुलिस को पर्याप्त होल्डिंग सेंटर तैयार करने होंगे। पकड़े गए व्यक्ति की जानकारी उसके मूल देश से सत्यापित कर 30 दिन के अंदर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस दौरान संदिग्ध को होल्डिंग सेंटर में ही रखा जाएगा।
जांच में अगर संदिग्ध बांग्लादेशी या रोहिंग्या पाया जाता है, तो उसका बायोमैट्रिक और जनसांख्यिकी डेटा गृह मंत्रालय के विदेशी पहचान पोर्टल (FIP) पर दर्ज किया जाएगा। जहां इंटरनेट सुविधा नहीं होगी, वहां प्रक्रिया ऑफलाइन की जाएगी। जिले में उपलब्ध बायोमैट्रिक उपकरण का इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन अब नफीस सॉफ्टवेयर की जगह नए सिस्टम का उपयोग होगा।
केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, देश में अभी कुल 10 डिटेंशन सेंटर हैं। इनमें सबसे ज्यादा 6 असम में हैं, जहां 1133 बंदी रखे गए हैं – इनमें 98% बांग्लादेशी और शेष म्यांमार के हैं। अन्य सेंटर पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, गोवा और दिल्ली में हैं।
डिटेंशन सेंटर्स में उन्हीं लोगों को रखा जाएगा जो भारत में बिना वैध वीजा या पासपोर्ट के रह रहे हैं, जिनकी नागरिकता की पुष्टि नहीं हो पाई है या जिनका निर्वासन लंबित है।
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👉 पन्ना बीबी कनेक्शन:
बांग्लादेशी नागरिक पन्ना बीबी के केस में दो और लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें एक महिला की बांग्लादेशी नागरिक होने का शक है। वह जिस मकान में रह रही थी, उसके मालिक को भी पकड़ा गया है, क्योंकि उसने पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी थी। यह मकान मालिक पहले धोखाधड़ी के केस में जेल जा चुका है।
पुलिस ने एक अन्य पुरुष, महिला और दो बच्चों से भी पूछताछ की। दस्तावेजों की जांच में ये सभी बंगाल के निवासी पाए गए।
इधर सुपेला पुलिस ने पन्ना बीबी की पूरी जानकारी, जिसमें बायोमैट्रिक डेटा भी शामिल है, गृह विभाग को भेजी है, जो केंद्र सरकार तक जाएगी।
📢 CTA (Call to Action):
अगर आपके आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति बिना वैध दस्तावेजों के रह रहा हो, तो उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। आप सतर्क रहेंगे, तो समाज सुरक्षित रहेगा।
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