भिलाई की पत्रिका न्यूज़ :राजस्थान , "जब वो घर से भागी, तो मेरा मोबाइल भी साथ ले गई। मैंने जैसे ही दूसरे नंबर से कॉल किया, उसने साफ-साफ कहा- मैं भाग गई हूं। जब मैंने पूछा ऐसा क्यों किया तो बोली- मेरा टाइम पूरा हो गया था।
ये बातें कहते हुए राजस्थान के सवाई माधोपुर निवासी विष्णु शर्मा की आवाज में गुस्सा और हैरानी साफ झलकती है। विष्णु की शिकायत पर राजस्थान पुलिस ने लुटेरी दुल्हन अनुराधा पासवान को भोपाल से गिरफ्तार किया है। 19 अप्रैल को शादी और 2 मई को फरारी—अनुराधा हर 15 दिन में यही स्क्रिप्ट दोहराती थी।
पकड़े जाने के वक्त अनुराधा भोपाल में किसी नए युवक को अपने जाल में फंसाने की तैयारी कर रही थी। पुलिस को उसने कबूल किया कि शादी के 15 दिन के भीतर वह दूल्हे को चकमा देकर भाग जाती थी। अगर खुद भागना मुश्किल होता, तो गिरोह के लोग उसे छुड़ाने आ जाते।
विज्ञापन
अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे
अब तक वह 25 से अधिक शादियों के जरिए लोगों को चूना लगा चुकी है। गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार हैं।
शादी के 12 दिन बाद जेवर-नकदी लेकर हुई फरार
विष्णु शर्मा ने 3 मई को मानटाउन थाना, सवाई माधोपुर में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि सुनीता और पप्पू मीणा नाम के दलालों ने उन्हें मनपसंद दुल्हन से शादी करवाने का झांसा दिया था। अनुराधा की फोटो भेजी और संपर्क कराया। 2 लाख रुपए लेकर कोर्ट में एग्रीमेंट करवा दिया और 19 अप्रैल को शादी करवा दी।
लेकिन 2 मई की रात अनुराधा घर से नकदी, जेवर और मोबाइल लेकर चुपचाप भाग निकली।
नई दुल्हन का अजीब बर्ताव, लेकिन किसी को शक नहीं हुआ
विष्णु बताते हैं कि शादी के बाद अनुराधा 14 दिन घर में रही, लेकिन उसने कभी कोई घरेलू काम नहीं किया। परिजन समझते रहे कि नई बहू है, धीरे-धीरे सब सीख जाएगी। वह सुबह 10 बजे उठती, दिन में तीन बार नहाती और हर बार मेकअप करती। रात में भी मेकअप करके ही सोती थी।
जब उससे पूछा जाता कि बाहर नहीं जा रही, फिर सजने की क्या जरूरत है, तो वह कोई जवाब नहीं देती। मोहल्ले और रिश्तेदारों से मिलने से कतराती थी। जब घूमने की बात करती तो विष्णु उसे बाहर घुमा लाते थे।
भागने के बाद फोन पर बोली- मेरा समय पूरा हो गया था
जिस दिन अनुराधा फरार हुई, उसी दिन घर के बाथरूम में एक कीपैड मोबाइल मिला। तब जाकर पता चला कि वह चोरी-छिपे इस मोबाइल से गिरोह के सदस्यों से बात करती थी।
विष्णु ने अपने नंबर पर दूसरे फोन से कॉल किया तो अनुराधा ने खुद कॉल रिसीव कर कहा- "मैं भाग गई हूं।" पहले तो विष्णु को यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब वजह पूछी, तो जवाब मिला- "मेरा टाइम पूरा हो गया था।"
बाद में पता चला कि अनुराधा पहले भी कई युवकों से शादी कर उन्हें इसी तरह ठग चुकी है। आमतौर पर वह 5 से 15 दिन में फरार हो जाती थी। विष्णु के साथ भी ऐसा ही हुआ—12 दिन हो चुके थे, इसलिए गिरोह के सदस्य उसे लेने आ गए।
भोपाल में फिर एक युवक को बना रही थी शिकार
राजस्थान पुलिस ने स्पेशल टीम बनाकर भोपाल में जांच शुरू की। मुखबिरों की मदद से एक सिपाही को फर्जी दूल्हा बनाकर गिरोह से संपर्क करवाया गया।
तस्वीरें दिखाने पर अनुराधा की पहचान हो गई। पुलिस ने पन्नाखेड़ी गांव में छापा मारा, जहां वह हाल ही में एक युवक से शादी कर चुकी थी। दो-तीन दिन में वह वहां से भी रफूचक्कर होने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे धर दबोचा।
गिरफ्तारी के समय दूल्हे के घरवालों ने मांगे 2 लाख
जब पुलिस अनुराधा को लेने पहुंची तो ससुराल वाले हैरान रह गए। बोले- हमने तो एग्रीमेंट के बाद शादी करवाई है और 2 लाख रुपए दिए हैं। पहले हमारे पैसे दिलवाइए, फिर बहू को ले जाइए।
पुलिस ने उन्हें समझाया कि इस संबंध में केस दर्ज करवा सकते हैं, लेकिन अभी अनुराधा को गिरफ्तार कर ले जाना जरूरी है।
15 दिन में ठगी कर निकलने का तय शेड्यूल
पूछताछ में अनुराधा ने बताया कि उसका गिरोह व्हाट्सऐप पर लड़कियों की फोटो भेजकर शादी के इच्छुक लड़कों को फंसाता था। सौदा 2 से 5 लाख रुपए में होता और एग्रीमेंट भी तैयार किया जाता।
विज्ञापन
कई बार काम जल्दी हो जाता, कभी 10-15 दिन भी लग जाते थे। कहीं अगर भागना संभव न होता तो एजेंट खुद उसे लेने पहुंचते और बहाना बनाते कि लड़की खुश नहीं है, वापस ले जा रहे हैं। कुछ मामलों में रुपए भी लौटाए गए हैं।
पहले पति से तलाक नहीं लिया, फिर भी रचाईं 25 शादियां
अनुराधा की पहली शादी 2016 में उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के निवासी विशाल से हुई थी। दोनों के एक बेटा और एक बेटी हैं। करीब दो साल से दोनों अलग-अलग रह रहे हैं, लेकिन तलाक नहीं हुआ है।
जब पुलिस ने विशाल को सूचना दी तो वह लखनऊ से राजस्थान पहुंचा। उसने कहा कि उसे नहीं पता था कि अनुराधा ऐसा कुछ कर रही है।
गिरोह में 15-20 और महिलाएं भी शामिल
अनुराधा अकेली ऐसी महिला नहीं है जो इस गिरोह में फर्जी शादी करती थी। पुलिस को जांच में अनुराधा जैसी 15-20 और महिलाओं की तस्वीरें मिली हैं।
भोपाल के रघुवीर, गोलू और मजबूत सिंह यादव एजेंट के रूप में काम करते हैं। राजस्थान पुलिस अब सुनीता राठौड़ और पप्पू मीणा की तलाश में जुटी है, जिन्होंने विष्णु शर्मा को फंसाया था।
भोपाल के छोला इलाके से पकड़ी गई थी अनुराधा
हर फर्जी शादी के लिए अनुराधा को 50 हजार रुपए मिलते थे। शुरुआत में पुलिस को लगा कि वह केवल मोहरा है, लेकिन मोबाइल डेटा से पता चला कि वह खुद भी सक्रिय भूमिका निभाती थी।
उसके मोबाइल में एक एजेंट को भेजा गया मैसेज मिला- "जल्दी मेरी शादी करवा रहे हो या किसी और से बात करूं?" जिससे साफ है कि वह गिरोह की बड़ी प्लेयर थी।
भिलाई की पत्रिका न्यूज़ के whatsup ग्रुप से जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक कर ज्वाइन करे |
https://chat.whatsapp.com/H8ycgPvlgfBFPAHM2dXPhK



