भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : भारत अब सिर्फ सीमा पर नहीं, आर्थिक मोर्चे पर भी पाकिस्तान को मात देने की तैयारी में है। 9 मई को एक ऐसा फैसला हो सकता है जो पाकिस्तान की पहले से डगमगाती अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ देगा।
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की हालत बेहद खराब है। जून 2024 तक उस पर करीब 21.6 लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। विदेशी एजेंसियों और IMF को भुगतान करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। वहीं जुलाई 2025 तक उसे करीब 2.56 लाख करोड़ चुकाने हैं, लेकिन उम्मीद है कि उसका विदेशी मुद्रा भंडार 1.18 लाख करोड़ तक ही पहुंच पाएगा।
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इस बीच, कश्मीर में हुए आतंकी हमले ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। भारत सरकार का रुख स्पष्ट है—सैलानियों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उधर, पाकिस्तान की तरफ से सेना प्रमुख और मंत्री लगातार उकसाने वाले बयान दे रहे हैं, यहां तक कि परमाणु हमले की धमकियां भी दी जा रही हैं।
देश के लोगों में इस हमले और बयानबाज़ी को लेकर काफी गुस्सा है। कई लोगों ने सरकार से पाकिस्तान पर कड़ा जवाब देने की मांग की है।
अब 9 मई को IMF की अगली बोर्ड मीटिंग होने वाली है, जिसमें पाकिस्तान को मिलने वाले 1.3 अरब डॉलर (करीब 10.9 हजार करोड़ रुपये) के कर्ज की समीक्षा की जाएगी। पिछली बार भारत ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया था, लेकिन इस बार आतंकवाद का मुद्दा बनाकर भारत इस कर्ज का खुलकर विरोध कर सकता है।
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अगर ऐसा होता है, तो पाकिस्तान को मिलने वाला यह बड़ा आर्थिक सहारा भी छिन सकता है।
पाकिस्तान को आमतौर पर दो तरह से कर्ज मिलता है—एक तरफ अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं जैसे IMF, वर्ल्ड बैंक, ADB और दूसरी तरफ देश जैसे अमेरिका, चीन, सऊदी अरब। मौजूदा वक्त में उसके कुल कर्ज का 66% घरेलू और 34% विदेशी है।
IMF, वर्ल्ड बैंक और ADB जैसे संस्थान पाकिस्तान को मुख्य रूप से कर्ज देते हैं—वर्ल्ड बैंक 24%, ADB 18%, IMF 10%, और अन्य स्रोतों से भी थोड़ा-थोड़ा। लेकिन इस सबके बावजूद पाकिस्तान को अगले 4 सालों में 8.4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज चुकाना है।
इलाके के लोगों का कहना है कि अगर भारत ने पाकिस्तान को आर्थिक मोर्चे पर सबक सिखाया, तो यह एक बड़ी कूटनीतिक जीत होगी।
27 अप्रैल को पाकिस्तान के स्टेट बैंक गवर्नर ने माना कि जून 2025 तक देश का विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ 1.18 लाख करोड़ तक ही पहुंचेगा—जो उसके कुल कर्ज का आधा भी नहीं है। यानी हालात बहुत नाज़ुक हैं|
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