भिलाई की पत्रिका न्यूज़ : नवा रायपुर में एक भावुक लम्हा देखने को मिला, जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य को नमन किया और देश को 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त करने का ऐलान कर दिया।
इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो के निदेशक, बीएसएफ प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कोबरा टीम, छत्तीसगढ़ पुलिस और डीआरजी के जवानों की बहादुरी, बलिदान और समर्पण की सराहना करते हुए कहा, “जो जवान तय कर लेते हैं, वो हासिल करके ही दम लेते हैं।”
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उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस धैर्य और ताकत के साथ हमारे जवानों ने माओवादियों के अड्डों को ध्वस्त किया है, वो पूरी दुनिया के सुरक्षा बलों के लिए एक मिसाल बन गया है।
2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का ऐलान करते हुए अमित शाह ने बताया कि अब वो वक्त दूर नहीं जब बंदूक की जगह बच्चे पेंसिल थामेंगे और 'क, ख, ग' लिखेंगे।
अमित शाह ने बताया कि पिछले 35 सालों में नक्सलवाद के कारण लगभग 40 हजार लोगों की जानें गई हैं या वे विकलांग हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “नक्सली हिंसा ने आदिवासी इलाकों से रोटी, बिजली, शिक्षा और साफ पानी तक छीन लिया था। इतने सालों तक इन इलाकों ने गुलामी के समान जीवन जिया है।
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लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार आज उन क्षेत्रों तक अनाज, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचा रही है, जहां पहले डर का साया था।
अंत में केंद्रीय मंत्री ने 'लियोर ओयना' नामक पुस्तक का विमोचन भी किया, जो नक्सलियों द्वारा आदिवासियों पर किए गए अत्याचारों और बस्तर की सच्चाई को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि यह किताब उन लोगों की आंखें खोलने का काम करेगी जो ह्यूमन राइट्स के नाम पर नक्सलियों का समर्थन करते हैं।
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