इस आयोजन का उद्देश्य जनसामान्य में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना और मानवता की सेवा करना था। “मौका दीजिए अपने खून को किसी की रगों में बहने का, यह लाजवाब तरीका है कई जिस्मों में जिंदा रहने का” – इसी भावना को केंद्र में रखकर शिविर आयोजित किया गया।
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इस शिविर में JCI दुर्ग-भिलाई के सदस्यों ने अत्यंत उत्साह और सेवाभाव के साथ भाग लिया। लोगों ने स्वेच्छा से आगे बढ़कर रक्तदान किया, जिससे यह शिविर मानवीयता और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया।
रक्तदान से पूर्व रक्तदाताओं के ब्लड प्रेशर की जांच की गई, तथा उनकी स्वास्थ्य संबंधी काउंसलिंग करने के बाद प्रशिक्षित तकनीशियनों की मदद से रक्तदान की प्रक्रिया पूरी की गई।
इस पुनीत कार्य में ब्लड बैंक की टीम और नवदृष्टि फाउंडेशन के श्री राज आढ़तिया व उनकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने शिविर की सफलता में सक्रिय भूमिका निभाई। संस्था के अध्यक्ष JC आलोक-रचना अग्रवाल ने बताया कि रक्त की कमी के कारण प्रतिवर्ष कई जानें चली जाती हैं, जबकि रक्त का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग व नागरिक से रक्तदान की अपील की और कहा कि “रक्तदान महादान है”।
शिविर प्रभारी JC डॉ. गुंजा पिंचा ने बताया कि रक्तदान से शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता और न ही कमजोरी आती है। कुछ ही दिनों में शरीर नया रक्त बना लेता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान का महत्व हमें तब समझ आता है जब हमारा कोई निकट संबंधी जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा होता है। रक्तदान न केवल किसी की जान बचा सकता है, बल्कि यह आत्म संतुष्टि का एक अत्यंत शक्तिशाली माध्यम भी है।
इस शिविर को सफल बनाने में डॉ. कुमकुम डे का महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिन्होंने प्रायोजक के रूप में आयोजन को सशक्त समर्थन प्रदान किया। कार्यक्रम की सफलता में JC डॉ. गुंजा पिंचा एवं लेडी JC डॉ. अपर्णा बक्शी का नेतृत्व अत्यंत सराहनीय रहा।
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पूर्व चेयरपर्सन श्रीमती रुचिका जैन एवं श्रीमती मोनिका खेतान का सक्रिय सहयोग और सेवाभावना भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम में JC सी.पी. गजवानी, JC प्रवीण परमार, JC नितिन अग्रवाल, JC मोनिश अग्रवाल एवं JC सुरेन्द्र खेतान जैसे पूर्व अध्यक्षों की गरिमामयी उपस्थिति व मार्गदर्शन आयोजन की शोभा बढ़ाने वाला रहा।
इस अवसर पर जिला अस्पताल दुर्ग के डॉ. अग्रवाल, श्री एंथनी सहित अन्य चिकित्सकों और स्टाफ का सहयोग भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जिन्होंने शिविर के संचालन में उत्कृष्ट भूमिका निभाई।
JCI दुर्ग-भिलाई परिवार सभी रक्तदाताओं, सहयोगी संस्थाओं एवं टीम सदस्यों का आभार व्यक्त करता है और भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक सेवा हेतु तत्पर रहने का संकल्प दिया|




