मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में करीब 10 हजार से ज्यादा अवैध घुसपैठिए रह रहे हैं। इनमें से अधिकांश बांग्लादेशी मूल के हैं, जो बीते 10 से 15 वर्षों में यहां बसे हैं।
विज्ञापन
👉 एसटीएफ ने संभाली जांच की कमान
खुफिया रिपोर्ट सामने आने के बाद अब स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट में पाकिस्तान और म्यांमार के घुसपैठियों के नाम भी शामिल हैं।
दक्षिण और उत्तर छत्तीसगढ़ में घुसपैठियों की संख्या अधिक पाई गई है, जो नाम बदलकर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए यहां रह रहे हैं।
👉 कैसे बनवा रहे हैं घुसपैठिए दस्तावेज?
रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के मुताबिक, घुसपैठिए सबसे पहले 5वीं और 8वीं की फर्जी अंकसूचियां बनवाते हैं। इन्हीं के आधार पर आधार कार्ड से लेकर पासपोर्ट तक का रास्ता खुल जाता है।
विज्ञापन
अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे
📌 फर्जी दस्तावेज तैयार करने की पूरी प्रक्रिया कुछ इस तरह होती है –
-
पहले किसी स्कूल से फर्जी अंकसूची बनवाई जाती है।
-
फिर किराए के मकान में रहने का किरायानामा तैयार होता है।
-
इसके बाद स्थानीय पार्षद से सत्यापन कराया जाता है।
-
फिर आधार कार्ड बनता है और उसके बाद पैन कार्ड।
-
आधार और पैन के जरिए बैंक खाता खुलवाया जाता है।
-
फिर वोटर आईडी और राशन कार्ड बनते हैं।
-
अंत में मोटी रकम देकर एजेंट से पासपोर्ट और वीज़ा भी तैयार करवा लेते हैं।



