नई दिल्ली। अगर आप किसी बैंक या फाइनेंस कंपनी से लोन लेकर EMI चुका रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत से कम नहीं है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए EMI में देरी पर लगने वाला पेनल ब्याज खत्म कर दिया है। यह नियम 1 मई 2025 से देशभर में लागू हो गया है।
अब तक जब भी कोई ग्राहक EMI समय पर नहीं चुका पाता था, तो बैंक या NBFC उस पर अतिरिक्त ब्याज (पेनल इंटरेस्ट) वसूलते थे। कई बार ये ब्याज इतना बढ़ जाता था कि लोन की असली रकम से दोगुना भुगतान करना पड़ता था। लेकिन अब RBI ने साफ किया है कि ऐसा नहीं चलेगा।
RBI ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब EMI में देरी पर पेनल इंटरेस्ट नहीं लिया जाएगा। उसकी जगह एक तयशुदा पेनल चार्ज लिया जाएगा, जो फिक्स्ड होगा और उसे लोन की ब्याज दर में शामिल नहीं किया जा सकता।
स्थानीय बैंकों में यह खबर आते ही हलचल मच गई। कई लोनधारकों ने अपने-अपने खातों की स्टेटमेंट जांचनी शुरू कर दी है। जानकारी मिलते ही कुछ लोग अपने बैंक शाखा पहुंचकर स्पष्टता की मांग कर रहे हैं।
क्या लिया जाएगा इसके बदले?
अब अगर EMI चूक होती है, तो ग्राहक से केवल एक निर्धारित जुर्माना (penal charge) वसूला जाएगा।
➡️ यह जुर्माना एक फिक्स राशि जैसे ₹500 या ₹1000 हो सकता है, लेकिन इसमें ब्याज नहीं जोड़ा जाएगा और उस पर फिर से ब्याज नहीं लगेगा।
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क्यों लागू किया गया ये नियम?
RBI ने बताया कि कई बैंक और NBFC EMI लेट होने पर अनुचित पेनल ब्याज लगाते थे, जिससे ग्राहकों को भारी नुकसान होता था। यह निर्णय ग्राहकों को आर्थिक शोषण से बचाने के लिए लिया गया है।
अब RBI ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी बैंक या वित्तीय संस्था इस तरह के चार्ज को कमाई का जरिया नहीं बना सकती।
क्या है पेनल चार्ज और पेनल इंटरेस्ट में फर्क?
➡️ पेनल चार्ज: EMI लेट होने पर लगने वाली फिक्स राशि, जैसे ₹500 या ₹1000। इसे ब्याज में नहीं जोड़ा जा सकता।
➡️ पेनल ब्याज: मौजूदा लोन की ब्याज दर पर अतिरिक्त ब्याज, जो पहले वसूला जाता था। जैसे 10% लोन पर 2% और जोड़कर 12% तक ब्याज वसूला जाता था।
अब यह पेनल ब्याज पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
आपको क्या करना चाहिए?
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अपने लोन अकाउंट की स्टेटमेंट चेक करें
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EMI लेट होने पर केवल पेनल चार्ज ही लगना चाहिए
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यदि बैंक ने पेनल इंटरेस्ट लगाया है, तो तुरंत शिकायत करें
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पहले बैंक से बात करें, समाधान न मिले तो RBI की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करें
किसे मिलेगा सबसे ज़्यादा फायदा?
इस नियम से छोटे कारोबारियों, नौकरीपेशा वर्ग और उन लोगों को राहत मिलेगी जो कभी-कभार आर्थिक कारणों से EMI समय पर नहीं भर पाते थे।
अब उन्हें भारी-भरकम ब्याज का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। सिर्फ एक तय राशि भरनी होगी। इससे बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और ग्राहक जागरूक बनेंगे।
भविष्य में लोन लेने से पहले क्या ध्यान रखें?
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बैंक से पेनल्टी चार्ज की जानकारी लें
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यह सुनिश्चित करें कि वह चार्ज लोन के ब्याज में न जुड़ रहा हो
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RBI गाइडलाइन्स को ध्यान से पढ़ें और सतर्क रहें
निष्कर्ष
RBI का यह कदम लोनधारकों के लिए एक बड़ी राहत है। अब EMI मिस होने पर आपको भारी ब्याज नहीं चुकाना पड़ेगा। बस थोड़ी समझदारी और सतर्कता से आप अनावश्यक आर्थिक बोझ से बच सकते हैं।
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📌 नोट:
यह खबर इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी व आधिकारिक RBI दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार की गई है। अधिक सटीक जानकारी के लिए https://www.rbi.org.in पर जाकर अवश्य जांचें।
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